Agra News: पालीवाल पार्क में गुंडाराज! 20 नकाबपोशों ने दी थी तबाही की धमकी, रात में घुसकर उजाड़ दिया पार्क

स्थानीय समाचार

आगरा। शहर की शान और ‘फेफड़े’ कहे जाने वाले पालीवाल पार्क में बीती रात अराजक तत्वों ने जमकर तांडव मचाया। करीब 15 से 20 युवकों की टोली ने सुरक्षा घेरा तोड़कर पार्क में प्रवेश किया और ईको क्लब, सहयोग वाटिका व योगा पॉइंट पर जमकर तोड़फोड़ की। हमलावरों ने न केवल सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया, बल्कि रोकने की कोशिश करने वाले सुरक्षा गार्डों पर ईंट-पत्थरों से हमला कर उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

​पुलिस की ‘चेतावनी’ का खौफ नहीं, मिली खुली चुनौती

घटना की पटकथा एक दिन पहले ही लिखी जा चुकी थी। पीर कल्याणी क्षेत्र के तीन युवक पार्क में पौधों के सुरक्षा खंभे तोड़ रहे थे। गार्ड की शिकायत पर पुलिस उन्हें थाने ले गई, लेकिन परिजनों के माफी मांगने पर उन्हें सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। रिहा होते ही इन युवकों ने सुरक्षाकर्मियों को पार्क तहस-नहस करने की खुली धमकी दी थी, जिसे उन्होंने रात के अंधेरे में अंजाम दे डाला।

​लाखों की संपत्ति को पहुँचाया नुकसान

​अराजक तत्वों ने पार्क की ग्रिल फांदकर अंदर प्रवेश किया और सुनियोजित तरीके से तबाही मचाई सबमर्सिबल पंप के स्टार्टर और बिजली की लाइनें उखाड़ दी गईं। जिससे ​सिंचाई व्यवस्था ठप हो गई।

पानी की टंकियों को क्षतिग्रस्त कर पाइप लाइनों को तोड़ डाला जिससे आने वालों लोगों के लिए ​पेयजल संकट आ गया है । ईको क्लब और वाटिका में लगी सीमेंट की बेंचों को चकनाचूर कर दिया।

जब सुबह 5 बजे लोग मॉर्निंग वॉक के लिए पहुँचे, तो पार्क का नजारा देखकर दंग रह गए। चारों तरफ बिखरा मलबा रात की दरिंदगी की गवाही दे रहा था।

​सुरक्षा पर सवाल: अब मरम्मत नहीं, हटाने की मांग

​बार-बार होने वाली इन घटनाओं से आहत ईको क्लब के संचालक प्रदीप खंडेलवाल ने पार्क इंस्पेक्टर को पत्र लिखकर टूटी बेंचों को पूरी तरह हटाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि अब बार-बार मरम्मत कराना संभव नहीं है और टूटी बेंचों के कारण वहां गंदगी और पॉलीथिन का अंबार लग रहा है।

​पार्क इंस्पेक्टर शिव कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है और सुरक्षा गार्डों के बयान के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सवाल अब भी वही है कि क्या शहर के सबसे प्रमुख पार्क में आम जनता और सरकारी संपत्ति सुरक्षित है?

Dr. Bhanu Pratap Singh