Agra News: हाईवे को जाम से मिलेगी मुक्ति, 1 जून से हाथरस-अलीगढ़ रूट की बसें अब आईएसबीटी के बजाय ‘टेढ़ी बगिया’ से होंगी संचालित

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आगरा। शहर के राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से जूझ रहे हजारों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लिया है। 1 जून 2026 से हाथरस और अलीगढ़ रूट की सभी रोडवेज बसें अब आईएसबीटी (ISBT) के बजाय फाउंड्री नगर स्थित ‘सैटेलाइट बस स्टेशन’ (टेढ़ी बगिया) से संचालित होंगी। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद इस रूट की कोई भी बस आईएसबीटी से नहीं गुजरेगी।

​क्यों लिया गया यह फैसला?

हाइवे पर अक्सर लगने वाले घंटों के जाम के पीछे रोडवेज बसों का अव्यवस्थित संचालन मुख्य कारण था। ये बसें आईएसबीटी से निकलने के बाद ट्रांसपोर्ट नगर, लॉयर्स कॉलोनी, भगवान टॉकीज फ्लाईओवर, अबूलाला दरगाह और वाटर वर्क्स जैसे प्रमुख चौराहों पर मनमाने ढंग से रुकती थीं।

हाईवे की तीन लेन में से दो लेन पर बसों का कब्जा होने के कारण आम वाहन चालकों, एंबुलेंस और स्कूल-कॉलेज के छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई बार ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी में भी यह मनमानी जारी रहती थी, जिसे अब सख्ती से नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।

​यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना

परिवहन निगम ने सभी चालक-परिचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे केवल निर्धारित सैटेलाइट स्टेशन से ही बस का संचालन करें। यदि किसी बस को आईएसबीटी से संचालित किया गया या हाईवे पर अनधिकृत स्टॉपेज किया गया, तो संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में यात्रियों से अपील है कि वे कल से अलीगढ़-हाथरस जाने के लिए आईएसबीटी के बजाय सीधे टेढ़ी बगिया बस स्टेशन पहुंचें।

क्या जाम की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी?

भले ही यह कदम एक महत्वपूर्ण शुरुआत है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अभी भी फिरोजाबाद, इटावा, कानपुर, लखनऊ, एटा, बरेली और बदायूं जैसे अन्य महत्वपूर्ण रूटों की बसें पुराने ढर्रे पर चल रही हैं। जब तक इन रूटों की बसों के लिए भी सख्त स्टॉपेज नीति लागू नहीं होती, तब तक हाईवे को जाम से पूरी तरह मुक्त करना चुनौतीपूर्ण रहेगा।

​उम्मीद की जा रही है कि यदि टेढ़ी बगिया वाला प्रयोग सफल रहा, तो प्रशासन भविष्य में अन्य रूटों की बसों को भी सैटेलाइट बस स्टेशनों पर शिफ्ट कर सकता है। यह व्यवस्था आगरा की यातायात समस्या को सुलझाने के लिए एक ‘मॉडल’ साबित हो सकती है।

Dr. Bhanu Pratap Singh