अयोध्या में 22 जनवरी को होने जा रहे रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के संदर्भ में असत्यापित, भड़काऊ और फर्जी संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने शनिवार को एडवाइजरी जारी की।
भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने समाचार पत्रों, टीवी चैनलों, डिजिटल समाचार प्रकाशकों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सलाह दी है कि “ऐसी किसी भी सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करने से बचें जो झूठी हो या जिसमें हेरफेर किया जा सकता हो या सांप्रदायिक सद्भाव या सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने की क्षमता रखती है।”
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि “22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में राम लला प्राण प्रतिष्ठा के पूरे भारत में आगामी उत्सव के संदर्भ में, भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पाया है कि विशेषकर सोशल मीडिया पर कुछ असत्यापित, भड़काऊ और फर्जी संदेश फैलाए जा रहे हैं, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ सकती है।”
इसे देखते हुए मंत्रालय ने 20 जनवरी 2024 को समाचार पत्रों, टेलीविजन चैनलों, डिजिटल समाचार प्रकाशकों और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें ऐसी किसी भी सामग्री जो गलत हो या जिसमें किसी तरह का हेरफेर किया जा सकता हो या जिससे देश में सांप्रदायिक सद्भाव या सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने की संभावना हो, को प्रकाशित या प्रसारित करने से बचने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को भी ऊपर उल्लिखित प्रकृति की सूचना को होस्ट, प्रदर्शित या प्रकाशित न करने के लिए उचित प्रयास करने की सलाह दी गई है।”
-एजेंसी
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