अडानी ग्रुप की ओर से बंदरगाह बिजनेस पर खासा जोर दिया जा रहा है। भारत की सबसे बड़ी कॉमर्शियल पोर्ट ऑपरेटर कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी लगातार नए बंदरगाहों पर काम कर रही है। अब अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी पोर्ट्स ने ओडिशा के गोपालपुर में मौजूद शापूर्जी पलोनजी ग्रुप के गोपालपुर पोर्ट को खरीद लिया है।
शापूरजी पलोनजी ग्रुप ने आ एक बयान में इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि उसने गोपालपुर बंदरगाह को अडानी पोर्ट्स को बेच दिया है। यह डील 3350 करोड़ रुपये में हुई है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इससे पहले धारमतार पोर्ट को JSW इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. को 710 करोड़ रुपये के उद्यम मूल्य पर बेचा गया था। ईटी ने सबसे पहले 7 दिसंबर को बताया था कि अडानी गोपालपुर बंदरगाह के अधिग्रहण के लिए बातचीत कर रही है।
काफी अहम है ये पोर्ट
ओडिशा का गोपालपुर पोर्ट रणनीतिक लिहाज से अहम बताया जाता है। यह भारत के पूर्वी तट पर स्थित एक अहम बंदरगाह है। पश्चिमी तट पर पहले से अडानी ग्रुप की मजबूत उपस्थिति है। अब इस सौदे के बाद पूर्वी तट पर अडानी के पास 6 बहुद्देश्यीय बंदरगाह हो जाएंगे। पूर्वी तट पर पहले से मौजूद 5 पोर्ट के साथ अडानी ग्रुप की क्षमता करीब 247 मिलियन टन की है। गोपालपुर बंदरगाह में 56 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली एसपी पोर्ट्स मेंटेनेंस, ओडिशा स्टीवडोर्स के शेष स्वामित्व के साथ, समाधान का इंतजार कर रही है।
कंपनी ने जुटाए थे रुपये
कंपनी ने जून 2023 में 18.75 फीसदी की दर से 14,300 करोड़ रुपये जुटाए थे और 31 मार्च, 2024 तक न्यूनतम 1,500 करोड़ रुपये चुकाने के दबाव का सामना कर रही थी। ऐसा नहीं करने पर कूपन दर 2% बढ़कर 20.75 फीसदी हो जाएगी। निर्माणाधीन गोपालपुर बंदरगाह, जो ओडिशा में स्थित है। इसके विकास में कई समस्याएं थीं।
-एजेंसी
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