उत्तर प्रदेश लेखिका मंच के कार्यक्रम में काव्य फुहार
तीज-त्योहार परिवार और समाज के सुदृढ़ आधार
हरियाली तीज महिला सशक्तिकरण का प्रमाण
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Agra, Uttar Pradesh, India. उत्तर प्रदेश लेखिका मंच ने आगरा क्लब में हरियाली तीजोत्सव मनाया। वक्ताओं ने तीज त्योहारों को पारिवारिक एकता और सामाजिक संगठन का सुदृढ़ आधार बताया। कहा कि हरियाली तीज महिलाओं की प्रकृति से सामंजस्य रखकर आध्यात्मिक प्रगति करने का द्योतक है। त्योहार उनके निर्णय क्षमता को बढ़ा कर सशक्त बनाते हैं।
इस दौरान कविताओं, कहानियों और लोक परंपरा के वर्णन से कार्यक्रम का माहौल जीवंत हो गया था।सावन के गीत, मल्हार का गायन व लोक नृत्य का भी सदस्यों ने आनंद लिया। बच्चों ने भी नृत्य प्रस्तुत किया।
मानसी खन्ना की सावन के भाव: उम्र के पड़ाव बहुत सराही गई।
शिखा श्रीधर ने सावन पर आधारित गीत गाकर ख़ूब रंग जमाया। उनकी भावपूर्ण कविता माँ और सावन मनभावन था बहुत पसंद की गई।
अध्यक्षता करते हुए प्रीति आनंद ने सावन और पारिवारिक संबंधों पर आधारित कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि तीज पारिवारिक संबंधों को सुदृढ़ बनती है। अतिवृष्टि और प्राकृतिक प्रकोप पर कविता सुनाई।
नम्रता कुलश्रेष्ठ ने जोश से भरपूर कविता मेरे कण-कण में हिंदुस्तान समाया सुनाया।
सुजाता सिंह ने चाँद पर आशियाँ बनाएँगे, कुछ नया कर दिखाएँगे कविता सुनाई।
विनोद वोहरा ने बचपन की बारिश कविता सुनाई
शारदा गुप्ता ने ब्रज में आयी सावन की बाहर सुनाई, रजनी सिंह ने मधुबन का झूला , सरिता गुप्ता ने आओ बादल तुम्हें बरसात लानी है कविताएँ सुनाईं।
दलजीत ग्रेवाल ने पंजाबी लोक परंपराओं में तीज का महत्व बताया तथा पंजाबी दोहे सुनाए।
डॉ. दीपा रावत ने हमारी संस्कृति में प्रकृति के पूजन और संरक्षण के आपसी संबंधों को रेखांकित किया।
रानी परिहार ने बताया कि महिलाएँ रचनात्मक होकर स्वयं को सशक्त बना सकती हैं।
कार्यक्रम में ममता गुप्ता को सावनसुंदरी व डॉ. रानी परिहार को रनर-अप चुना गया !
संगोष्ठी में शारदा गुप्ता, डॉ. शिखा श्रीधर, डॉ. दीपा रावत, प्रीति आनंद, शशि मल्होत्रा, डॉ. रानी परिहार, सोनम खिरवार, दलजीत ग्रेवाल, रजनी सिंह, विनोद वोहरा, नम्रता कुलश्रेष्ठ, ममता गुप्ता, ज्योति शर्मा, सुजाता सिंह, करुणा सिंह, गीता शर्मा, मानसी खन्ना, कुसुमलता सिंह, क्षितिजा सिंह आदि उपस्थित रहे।
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