अयोध्या। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की पत्नी और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की सांसद डिंपल यादव (SP MP Dimple Yadav) ने सनातन धर्म ( Sanatana Dharma) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि हम लोग हिंदू हैं। हिंदू धर्म सनातन धर्म है। सनातन धर्म ( Sanatana Dharma) में कोई दुश्मन नहीं होता। डिंपल यादव (Dimple Yadav) के इस बयान पर अब अयोध्या के संतों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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रामलाल के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास (Acharya Satyendra Das, the chief priest of Ramlal) ने कहा है कि डिंपल यादव (Dimple Yadav) ने जो कहा उसका मैं साधुवाद देता हूं। जितने भी धर्म हैं वह सनातन धर्म (Sanatana Dharma) से निकले हैं। डिंपल यादव (Dimple Yadav) की बात पर उनकी पार्टी के अन्य नेताओं को भी विचार करना चाहिए। सत्येंद्र दास वेदांती (Satyendra Das Vedanti) ने कहा कि डिंपल यादव (Dimple Yadav) देर से आई लेकिन दुरुस्त आईं।
संत वेदांती ने कहा कि डिंपल यादव (Dimple Yadav) को अपनी पार्टी के उन नेताओं को भी यह बात बतानी चाहिए जो रामचरितमानस (Ramcharitmanas) पर अंगुली उठाते हैं, सनातन धर्म ( Sanatana Dharma) , हिंदू धर्म पर जो कुठाराघात करते हैं। डिंपल यादव (Dimple Yadav) को ऐसे नेताओं को समझाना चाहिए। दूसरी ओर, बीजेपी ने डिंपल के इस बयान पर कहा है कि डिंपल सनातन धर्म ( Sanatana Dharma) में पैदा हुई हैं। वो हिंदू हैं, हिंदुत्व उनका धर्म है। केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल (Union Minister SP Singh Baghel) ने कहा कि डिंपल ने जो भी कहा है, जो भी स्वीकार किया है उसके लिए उन्हें धन्यवाद। लेकिन, जो सनातनी होते हैं, वो कार सेवकों पर गोली नहीं चलाते।
सपा ने किया डिंपल के बयान का समर्थन
डिंपल के बयान पर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने कहा कि वह उनके बयान से पूरी तरह सहमत है। पार्टी के प्रवक्ता दीपक रंजन ने कहा कि यह बात सही है कि अगर हम हिंदू धर्म में पैदा हुए हैं तो हम हिंदू हैं। हमें बीजेपी से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। बीजेपी सोचती है हिंदू धर्म का उन्होंने पेटेंट करा रखा है।
रामचरितमानस पर हो चुका बवाल
बता दें, सनातन धर्म ( Sanatana Dharma) और रामचतिरमानस (Ramchatirmanas) को लेकर उत्तर प्रदेश बवाल हो चुका है। इसी साल जनवरी में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य (MLC Swami Prasad Maurya) ने रामचरितमानस (Ramchatirmanas) की चौपाइयों को बैन करने की मांग की थी। इसके बाद अखिल भारतीय ओबीसी महासभा (Bharatiya OBC Mahasabha) ने वृंदावन योजना तिराहे पर रामचरितमानस (Ramchatirmanas) के पन्नों की प्रतियां जलाईं थीं। इस मामले को लेकर कई लोगों के खिलाफ पुलिस में मामले भी दर्ज हुए थे।
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