आगरा। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय शनिवार को अचानक राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, फतेहाबाद में चल रही बी.एड. परीक्षा का निरीक्षण करने पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान एक अभ्यर्थी बिना प्रवेश पत्र के परीक्षा देते हुए पाया गया और एक अभ्यर्थी नकल करते हुए पकड़ा गया जिसे यूएफएम में पंजीकृत करा दिया गया।
उच्च शिक्षा मंत्री ने पाया कि कई अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र पर फोटो नहीं थी। महाविद्यालय परिसर में अभिभावक एवं अवांछनीय तत्व उपस्थित थे, जिससे परीक्षा की सुचितापूर्ण गरिमा एवं महाविद्यालय का अनुशासनात्मक वातावरण दूषित पाया गया। महाविद्यालय के परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रूम प्राचार्य के कक्ष में था। प्राचार्य अपने कक्ष को लॉक करके महाविद्यालय से गायब थीं, जिससे कंट्रोल रूम मॉनीटर का अवलोकन नहीं किया जा सका। इसके साथ-साथ महाविद्यालय के कंट्रोल रूम का लिंक विश्वविद्यालय के कंट्रोल रूम से नहीं था, जिस पर मंत्री उपाध्याय ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अभ्यर्थियों के अभिभावकों एवं अवांछनीय तत्वों को तत्काल महाविद्यालय के परिसर से बाहर किये जाने का निर्देश दिया।
उन्होंने इस संदर्भ में विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक एवं क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की तत्काल बैठक आहूत करने का भी निर्देश दिया तथा क्षेत्राधिकारी को निर्देश दिया कि वह प्राचार्य एवं सम्बन्धित परीक्षा प्रभारी का स्पष्टीकरण मांग कर कार्यवाही करें।
उन्होंने परीक्षा नियन्त्रक को कहा कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, फतेहाबाद में आगामी बीएड परीक्षाओं का संचालन विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त आर्ब्जवर की देखरेख में सम्पादित किया जाये।
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