नई दिल्ली। जस्टिस उदय उमेश ललित भारत के 49वें सीजेआई नियुक्त कर दिया गया है. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के तात्कालीन मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना ने जस्टिस उदय उमेश ललित के नाम की सिफारिश उनके उत्तराधिकारी के रूप में की थी. शपथ लेने के बाद जस्टिस ललित भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश होंगे. एन. वी. रमना 26 अगस्त को अपने पद से रिटायर हो रहे हैं.
तय परंपरा के मुताबिक तात्कालीन सीजेआई को अपने उत्तराधिकारी के रूप में सुप्रीम कोर्ट के ही सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश के नाम की सिफारिश करनी होती है. जस्टिस उदय उमेश ललित वरिष्ठता क्रम में जस्टिस रमणा के बाद दूसरे स्थान पर आते हैं.
वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट जज बने थे
अपने सौम्य स्वभाव के लिए जाने जाने वाले ललित ऐसे दूसरे चीफ जस्टिस होंगे जो सुप्रीम कोर्ट का जज बनने से पहले किसी हाई कोर्ट में जज नहीं थे. वो सीधे वकील से इस पद पर पहुंचे थे. उनसे पहले 1971 में देश के 13वें मुख्य न्यायाधीश एस एम सीकरी ने यह उपलब्धि हासिल की थी.
अयोध्या केस से खुद को किया था अलग
10 जनवरी 2019 को जस्टिस यू यू ललित (UU Lalit) ने खुद को अयोध्या मामले की सुनवाई कर रही 5 जजों की बेंच से खुद को अलग कर लिया था. उन्होंने तर्क दिया था कि करीब 20 साल पहले वह अयोध्या विवाद से जुड़े एक आपराधिक मामले में यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह के वकील रह चुके थे.
कितने दिनों का होगा कार्यकाल?
न्यायमूर्ति ललित (Justice UU Lalit) यदि अगले सीजेआई (CJI) नियुक्त होते हैं तो उनका कार्यकाल तीन महीने से भी कम का होगा और वह आठ नवंबर को रिटायर होंगे. इस समय जस्टिस नथलापति वेंकेट रमना भारत के 48 वें मुख्य न्यायाधीश हैं. उनकी सिफारिश पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एस ए बोबड़े ने की थी.
-एजेंसी
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