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“मेरी बेटी को मारकर मेरे घर को तबाह कर दिया. मेरी अच्छी ख़ासी दुनिया उजाड़ के रख दी. मेरे घर की आमदनी का ज़रिया मेरी बेटी थी. मुझे मिट्टी में मिला के रख दिया. मेरी बेटी मेरे पास थी तो मैं बादशाह था, लेकिन उसे मारकर मुझे फ़क़ीर बना दिया गया.”
यह कहना था अमरीना बट के पिता ख़िज़र मोहम्मद बट का जो अपनी बेटी की मौत के बाद सदमे में हैं. बडगाम के हुशरू गाँव में अपने मकान की दूसरी मंज़िल के एक कमरे में बैठे ख़िज़र मोहम्मद बार-बार अपने चेहरे पर हाथ फेरकर ठंडी आहें भर रहे थे.
उन्होंने कहा, “जिस दरख़्त के साए में मैं जी रहा था, उन्होंने उस दरख़्त को ही गिरा दिया गया. मैं बीमार इंसान हूं और मेरी बेटी सर्दियों में सारा ख़र्चा उठाकर मुझे जम्मू ले जाती थी, लेकिन अब कौन मुझे ले जाएगा और कौन मेरा इलाज करेगा.”
बातचीत में उन्होंने सवाल किया- “मुसलमान ही मुसलमान को मार रहा है, ये कैसा जिहाद है.”
सोशल मीडिया पर कश्मीर में बहुत ही कम समय में अपनी पहचान बनाने वाली आर्टिस्ट तीस वर्षीय अमरीना बट की बीते बुधवार देर रात हत्या कर दी गई थी. दो आतंकवादियों ने उनके घर जाकर अमरीना को बाहर बुलाया और फिर बहुत नज़दीक से उन पर गोली चलाई.
इस हमले में उनका दस साल का एक भांजा भी ज़ख़्मी हो गया.
अमरीना बट की हत्या ऐसे समय में की गई, जब कश्मीर में टार्गेटेड हत्याओं का सिलसिला जारी है. कुछ दिन पहले एक कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की भी हत्या की गई थी. इससे पहले श्रीनगर के सौरा में एक पुलिसकर्मी और उनकी बेटी पर आतंकवादियों ने हमला किया था.
-एजेंसियां
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