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राजस्थान में भी कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप कम होने के बाद अब छोटे बच्चों को भी स्कूल जाने की अनुमति मिल गई है। बुधवार 16 फरवरी से कक्षा 1 से 5वीं तक के बच्चों के लिए प्रदेश के नगरीय क्षेत्र की सभी निजी और सरकारी स्कूलें खोल दी गई है। कोरोना गाइड लाइन की पालना के तहत इन बच्चों को उनके माता-पिता या अन्य अभिभावकों की लिखित अनुमति के बाद ही स्कूल परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। कोरोना के प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने 3 जनवरी से प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में स्कूलें बंद कर दी थी।
43 दिन तक नगरीय क्षेत्रों के बच्चे नहीं जा सके स्कूल
जनवरी 2022 के पहले सप्ताह में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने 2 जनवरी को नई गाइड लाइन जारी की थी। इस गाइडलाइन के तहत नगरीय क्षेत्रों में 3 जनवरी से 9 जनवरी तक स्कूली बच्चों की छुट्टी कर दी गई। इसके बाद में 5 जनवरी को एक और संसोधित गाइडलाइन जारी करके 15 जनवरी तक छुट्टियां कर दी गईं थीं। इसके बाद दो बार और संशोधित गाइड लाइन जारी करके 30 जनवरी और 15 फरवरी तक छुट्टियां कर दी गई।
अब सभी आयुवर्ग की क्लासेस शुरू
कक्षा 10वीं से ऊपर की कक्षाओं के बच्चों को 1 फरवरी 2022 से स्कूल जाने की अनुमति मिल गई थी और कक्षा 6 से 8वीं तक के बच्चों को 10 फरवरी से स्कूल जाने की अनुमति मिल चुकी है। अब 16 फरवरी से कक्षा 1 से 5वीं कक्षा तक के बच्चों को भी स्कूल जाने की अनुमति मिल चुकी है।
कोरोना प्रोटोकॉल की पालना करनी होगी स्कूल संचालकों को
प्रदेश की सभी निजी और सरकारी स्कूलों के संस्था प्रधानों को कोरोना प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करनी होगी। नियमों के मुताबिक स्कूल आने वाले सभी बच्चों के मास्क लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही बैठक व्यवस्था इस प्रकार करनी होगी जिससे कि दो बच्चों के बीच पर्याप्त दूरी हो।
स्कूल में प्रवेश के साथ रहना होगा इन बातों का खयाल
स्कूल में प्रवेश के दौरान बच्चों के हाथों को सेनेटाइज कराना होगा। साथ ही बच्चों को भी अपने साथ सेनेजाइट की बोतल साथ लेकर आना होगा। स्कूल में प्रवेश के लिए माता-पिता की लिखित अनुमति होना जरूरी है। इसके बिना स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा सकेगा।
-एजेंसियां
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