किरावली। किरावली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव चैकोरा में खारी नदी में फैली जलकुंभी के बीच फंसकर 18 मूक पशुओं की दर्दनाक मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर घटना के बाद मंगलवार को राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व जिला अध्यक्ष नरेंद्र बघेल ने पीड़ित गांव का दौरा किया और शोक संतप्त पशुपालकों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने इस भीषण हादसे के लिए पूरी तरह से सिंचाई विभाग की कथित लापरवाही और उदासीनता को जिम्मेदार ठहराते हुए पीड़ित पशुपालकों को तत्काल आर्थिक मुआवजा देने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बीते शनिवार को चैकोरा गांव निवासी कमल सिंह और वीरेन्द्र सिंह के पशु खारी नदी में पानी पीने गए थे, जहां वे भारी जलकुंभी के जाल में फंस गए। तमाम प्रयासों के बावजूद पशुओं को दलदलनुमा जलकुंभी से सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका, जिसके परिणामस्वरूप डूबने से कुल 18 पशुओं की मौत हो गई। इस बड़े हादसे के बाद से पीड़ित पशुपालकों के सामने रोजी-रोटी और गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
सिंचाई विभाग की कार्यशैली पर खड़े किए सवाल
पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे रालोद नेता नरेंद्र बघेल ने कहा कि खारी नदी में बड़े पैमाने पर फैली अनियंत्रित जलकुंभी ही इस हादसे की मुख्य वजह बनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग की गंभीर लापरवाही के कारण समय पर नदी की सफाई और जलकुंभी हटाने का कोई प्रबंध नहीं किया गया। यदि प्रशासन और संबंधित विभाग ने पहले ही संवेदनशीलता दिखाई होती, तो इतनी बड़ी संख्या में बेकसूर पशुओं की जान नहीं जाती।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
खारी नदी में जलकुंभी के कारण पशुओं की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले विगत 8 अगस्त को गांव बांकदा खास में भी बाबूलाल पुत्र राजेन्द्र सिंह की तीन भैंसें इसी तरह खारी नदी में जलकुंभी की चपेट में आने से दम तोड़ चुकी थीं। लगातार सामने आ रहे ऐसे दर्दनाक हादसों के बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई प्रभावी कदम न उठाया जाना प्रशासनिक लचर व्यवस्था को उजागर करता है। नरेंद्र बघेल ने कहा कि यदि पिछली घटना के बाद ही कड़े कदम उठाए जाते, तो चैकोरा गांव में 18 पशुओं की जान जाने जैसी हृदयविदारक घटना को आसानी से टाला जा सकता था।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावित पशुपालकों को फौरन सहायता राशि दी जाए और खारी नदी से जलकुंभी हटाने के लिए एक स्थायी कार्ययोजना तैयार की जाए। इस मौके पर नरेंद्र बघेल के साथ सत्यपाल सिंह जूरैल, नरेश बघेल, शिवराम मुखिया, गुलाब सिंह और ओमवीर सिंह सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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