ममता के आंचल से स्नेह की पोटली लेकर विदा हुईं 40 बेटियां: आगरा में ‘माधवी बेटियों का मायका’ कार्यक्रम का भावुक और यादगार समापन

PRESS RELEASE

आगरा। माधवी अग्र महिला मंडल द्वारा आयोजित दो दिवसीय “माधवी बेटियों का मायका” कार्यक्रम का समापन बुधवार को बेहद भावपूर्ण और ममतामयी विदाई के साथ हुआ। सुबह से ही महाराजा अग्रसेन भवन, लोहामंडी का वातावरण एक ओर उमंग और उत्साह से भरा था, तो दूसरी ओर बेटियों की विदाई के क्षणों में ममता के आंचल की छांव ने हर आंख को नम कर दिया।

मायके से विदा होने वाली 40 बेटियों को परिवार की तरह स्नेह, सम्मान और आशीर्वाद दिया गया। बेटियों के साथ उनके दामादों का भी आत्मीय स्वागत करते हुए उद्घाटनकर्ता नीतेश अग्रवाल ने सभी बेटी-दामादों के माथे पर तिलक लगाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। माताओं ने बेटियों और दामादों को आशीर्वाद देते हुए मन ही मन यही कामना की कि उनकी बेटियां अपने वैवाहिक जीवन में सदैव प्रसन्न रहें, जीवन की हर परिस्थिति का धैर्य और समझदारी से सामना करें तथा परिवार में प्रेम और सौहार्द बनाए रखते हुए सुखी जीवन व्यतीत करें।

माधवी अग्र महिला मंडल की अध्यक्ष पुष्पा अग्रवाल एवं सचिव ऊषा बंसल ने कहा कि “इन बेटियों की विदाई हमारे लिए किसी बेटी की विदाई से कम नहीं है। 25 वर्षों से हम इन अनाथ बेटियों को मायके का सुख देने का प्रयास कर रहे हैं। हर वर्ष जब बेटियां यहां आती हैं तो लगता है जैसे हमारा अपना परिवार पूरा हो गया। विदाई के समय आंखें नम जरूर होती हैं, लेकिन इस विश्वास के साथ कि हमारी बेटियां अपने घर-परिवार में खुश रहें और जीवन में निरंतर आगे बढ़ें, हमें संतोष भी मिलता है।”

विदाई समारोह से पहले सुबह बेटियों और उनके परिवार के लिए नाश्ते की व्यवस्था की गई। इसके बाद विभिन्न मनोरंजक खेलों, गतिविधियों और फोटो सेशन का आयोजन हुआ। बच्चों ने भी कार्यक्रम में खूब उत्साह दिखाया। बच्चों ने अपनी नानी (संस्था की सदस्याओं) को “नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए…” जैसे गीतों की मधुर पंक्तियों के साथ खूब गुदगुदाया और रिझाया। बच्चों की मासूम शरारतों और खिलखिलाहट से माहौल में एक अलग ही अपनापन और खुशी घुल गई।

बेटियों की विदाई के अवसर पर नीतेश अग्रवाल ने सभी बेटी-दामादों का तिलक कर सम्मान किया। मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने शगुन का नारियल एवं विदाई में लिफाफा प्रदान किया। वहीं सावन की मिठाई, चावल, सेवइयां सहित विभिन्न उपहार बेटियों को भेंट किए गए।

उपहारों की यह पोटली केवल सामान नहीं, बल्कि मायके के स्नेह, आशीर्वाद और उन भावनाओं का प्रतीक थी, जिन्हें बेटियां अपने साथ लेकर विदा हुईं। प्रत्येक बेटी को ऐसा अनुभव कराया गया कि विवाह के बाद भी उसका मायका उसके साथ है और उसके सुख-दुख में परिवार सदैव खड़ा रहेगा।

महिला शांति सेवा की अध्यक्ष वत्सला प्रभाकर एवं डॉ. पल्लवी प्रभाकर ने भी सभी बेटियों को विशेष आशीर्वाद प्रदान किया।

कार्यक्रम के दौरान कई भावुक दृश्य देखने को मिले। बेटियां जब विदाई के लिए तैयार हुईं तो माताओं ने उन्हें गले लगाया और स्नेहाशीष दिया। बेटियों ने भी मंडल की सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन उन्हें बार-बार यह एहसास कराता है कि उनका मायका आज भी उनके साथ है।

25 वर्षों से रिश्तों को जीवंत रखने की अनूठी पहल

माधवी अग्र महिला मंडल द्वारा विगत 25 वर्षों से यह आयोजन उन श्री मध्यानंद अनाथालय कीबेटियों के लिए किया जा रहा है, जिनका विवाह विभिन्न संस्थाओ के माध्यम से वर्षों पूर्व कराया गया था।

इस अवसर पर शशि अग्रवाल, आभा जैन, रजनी गोयल, पायल, अर्चना, श्वेता मित्तल, शिल्पी अग्रवाल, नमिता आदि सदस्यों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला।

Dr. Bhanu Pratap Singh