​’गटर जेनरेशन’ वाली टिप्पणी पर कानूनी शिकंजा: सांसद कंगना रनौत के खिलाफ आगरा में अपमान, राजद्रोह और आईटी एक्ट की धाराओं में वाद दायर

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आगरा: हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की सांसद एवं बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कथित तौर पर ‘गटर जेनरेशन’ बताने और उनके अभिभावकों के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में स्पेशल कोर्ट (एमपी-एमएलए) अनुज कुमार सिंह की अदालत में एक औपचारिक परिवाद दर्ज किया गया है।

अदालत ने इस परिवाद को दर्ज करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 अगस्त 2026 की तिथि तय की है।

क्या है पूरा मामला?

वादी और राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले कुछ समय से देश में नीट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के बार-बार पेपर लीक होने के कारण देशभर के करोड़ों छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है, जिससे तनाव में आकर कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली है। इसी से आक्रोशित होकर देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों छात्र-छात्राओं ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया था।

परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 20 जुलाई 2026 को प्रदर्शनकारी छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा बर्बर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिससे सैकड़ों छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गए।

इसके साथ ही, प्रदर्शन के समर्थन में विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री आवास का घेराव किए जाने और बढ़ते जनाक्रोश के बाद केंद्र सरकार को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेना पड़ा था।

कंगना रनौत के बयान पर आपत्ति

परिवाद में कहा गया है कि इस पूरे घटनाक्रम के बीच सांसद कंगना रनौत ने 27 जुलाई 2026 को अपने सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम हैंडल पर आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं के खिलाफ बेहद अभद्र और अमर्यादित टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि उन्होंने कभी किसी एक जगह पर इतना भद्दापन और गंदगी नहीं देखी और ऐसे वीडियो देखकर उन्हें उबकाई आती है। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों को ‘गटर जेनरेशन’ बताते हुए उनकी परवरिश पर भी सवाल उठाए थे।

​वादी का कहना है कि कंगना रनौत के इस घृणास्पद और अपमानजनक बयान से देश के करोड़ों छात्रों, उनके अभिभावकों तथा स्वयं परिवादी व उनके साथी अधिवक्ताओं राजवीर सिंह, रामदत्त दिवाकर, नवीन वर्मा और आर.एस. मौर्य की भावनाएं गंभीर रूप से आहत हुई हैं। परिवादी ने अपने पुत्र ध्रुव शर्मा की मार्कशीट भी वाद-पत्र के साथ संलग्न की है।

परिवाद में आरोप लगाया गया है कि कंगना रनौत ने सोशल मीडिया के माध्यम से संविधान के मूल कर्तव्यों का उल्लंघन करते हुए राष्ट्रविरोधी और अपमानजनक वक्तव्य दिया है। इस संबंध में पहले थाना न्यू आगरा और पुलिस कमिश्नर को भी शिकायत पत्र भेजे गए थे, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया गया। अब अदालत इस मामले में 21 अगस्त को अगली सुनवाई करेगी।

Dr. Bhanu Pratap Singh