उपचुनाव परिणाम 2026: प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत से बदली बिहार की सियासत, दतिया में कांग्रेस और मांजलपुर में भाजपा का परचम

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​नई दिल्ली/पटना। हाल ही में संपन्न हुए विभिन्न विधानसभा उपचुनावों के नतीजों ने देश की राजनीतिक तस्वीर में कई बड़े बदलावों के संकेत दिए हैं। बांकीपुर (बिहार), दतिया (मध्य प्रदेश) और मांजलपुर (गुजरात) के परिणाम अपनी-अपनी अलग राजनीतिक कहानी बयां कर रहे हैं।

बांकीपुर: प्रशांत किशोर की शानदार जीत

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने चुनावी सफर का शानदार आगाज़ किया है। मतगणना के सभी 31 राउंड पूरे होने के बाद, प्रशांत किशोर ने 63,203 मत हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के नीरज सिन्हा को 18,953 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। नीरज सिन्हा को 44,250 वोट मिले, जबकि राजद की रेखा गुप्ता 14,085 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। इस जीत को बिहार की राजनीति में जन सुराज पार्टी की बड़ी स्वीकार्यता के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि पार्टी परिणामों का विश्लेषण करेगी और भविष्य की रणनीति पर काम करेगी।

दतिया: टिकट कटने से बिगड़ा भाजपा का खेल

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस के कुंवर घनश्याम सिंह ने जीत का परचम लहराया है। भाजपा के आशुतोष तिवारी को मिली करारी हार के पीछे राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटा जाना पार्टी के लिए भारी पड़ा। समर्थकों का आक्रोश और जमीन से जुड़े नेताओं की उपेक्षा ने भाजपा को बैकफुट पर धकेल दिया। यह परिणाम साबित करता है कि राजनीति में पार्टी चिन्ह के साथ-साथ स्थानीय जनाधार वाले नेताओं का महत्व सर्वोपरि होता है।

मांजलपुर: भाजपा की एकतरफा जीत

गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा ने अपनी मजबूती बरकरार रखी है। भाजपा उम्मीदवार सतीश पटेल ने 30,630 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की। सतीश पटेल को कुल 55,481 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी भीखाभाई रबारी केवल 24,851 वोटों पर सिमट गए। मांजलपुर में नोटा (NOTA) पर कुल 2,247 वोट पड़े।

Dr. Bhanu Pratap Singh