200 साल पुरानी परंपरा: भगवान जगन्नाथ मंदिर में देवशयनी एकादशी पर भक्ति की बयार, पांचवीं पीढ़ी संभाल रही सेवा का जिम्मा

PRESS RELEASE

आगरा। देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर जीवनी मंडी स्थित 200 वर्ष प्राचीन श्री भगवान जगन्नाथ जी मंदिर में भक्ति का भव्य आयोजन किया गया। मंदिर के महंत पंडित लक्ष्मण शर्मा के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल भगवान का विशेष पूजन हुआ, बल्कि इस ऐतिहासिक मंदिर के गौरवशाली इतिहास और सेवा की परंपराओं को भी याद किया गया।

पांच पीढ़ियों से जारी है सेवा का संकल्प

भगवान जगन्नाथ की सेवा की यह अनूठी विरासत स्व. ज्वाला प्रसाद जी से शुरू होकर स्व. रमन लाल जी तक पहुंची। रमन लाल जी के पुत्र स्व. दाऊ दयाल जी ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। वर्तमान में दाऊ दयाल जी के चौथे पुत्र पंडित लक्ष्मण शर्मा और उनकी धर्मपत्नी सरिता देवी शर्मा इस मंदिर की सेवा कर रहे हैं। साथ ही, महंत स्नेहा शर्मा एवं चिराग शर्मा पूरी निष्ठा के साथ इस प्राचीन मंदिर के प्रबंधन और सेवा कार्य में जुटे हैं।

रथ यात्रा पुनः शुरू करने का संकल्प

महंत लक्ष्मण शर्मा ने मंदिर के छुपे हुए इतिहास और संस्मरणों को साझा करते हुए बताया कि सन 1978 से मंदिर की रथ यात्रा किन्हीं कारणों से बंद है। उन्होंने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि भक्तों के सहयोग और प्रभु की कृपा से शीघ्र ही प्राचीन मंदिर से रथ यात्रा पुनः आरंभ होगी, जिसका लाभ सभी भक्तजन ले सकेंगे।

​भजन-कीर्तन से गूंज उठा मंदिर प्रांगण

देवशयनी एकादशी के पर्व पर मंदिर परिसर में महिलाओं ने भगवान जगन्नाथ के भजनों पर नृत्य कर अपनी भक्ति का प्रदर्शन किया। भजन संध्या में उपस्थित महिला मंडल और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।

कार्यक्रम में भूमि तनिष्क, राम ठाकुर, अजय राठौर, गीता जादौन, सपना, मंजू, रचना, राधा, आरती, हेमा, कविता यादव, ज्योति, दीया, नीमा, कृति, संतोष, राधा रानी, महंत स्नेहा शर्मा, रवि राठौर और तरंग सिंगल ‘नीलू’ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh