आगरा। आगरा नगर निगम की कार्यकारिणी समिति के चुनाव में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीतिक धमक फिर से दर्ज की है। नगर निगम सदन में आयोजित विशेष बैठक के दौरान छह नए कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव संपन्न हुआ, जिसमें भाजपा के पांच और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की एक उम्मीदवार निर्वाचित हुई हैं। करीब तीन घंटे तक चली गहमागहमी और रणनीतिक मंथन के बाद आखिरकार यह चुनाव बिना मतदान के, आम सहमति से संपन्न हो गया।
क्यों हुई थी विशेष बैठक?
नगर निगम कार्यकारिणी में कुल 12 सदस्य होते हैं, जो पार्षदों के बीच से चुने जाते हैं। चूंकि पिछले महीने छह सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो गया था, इसलिए महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा की अध्यक्षता में शनिवार सुबह 11 बजे सदन की विशेष बैठक बुलाई गई थी। इस चुनाव को लेकर सभी दलों में खासा उत्साह था, क्योंकि कार्यकारिणी शहर के विकास और बजट संबंधी निर्णयों का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है।
नामांकन और राजनीतिक दबाव
चुनाव प्रक्रिया के दौरान कुल नौ उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। भाजपा ने प्रवीना राजावत, हेमंत प्रजापति, अतुल अवस्थी, रवि करोतिया, गुड्डू राठौर और वेद प्रकाश गोस्वामी को मैदान में उतारा था। वहीं, बसपा की ओर से निधि सिंह, माता प्रसाद और पुष्पा कुमारी दावेदार थीं। भाजपा के सभी छह उम्मीदवारों को जिताने की रणनीति को देखते हुए स्थिति काफी रोमांचक हो गई थी।
सांसदों और विधायकों की मौजूदगी ने बढ़ाया सियासी पारा
सदन में मतदान की संभावनाओं के बीच भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी। केंद्रीय राज्य मंत्री एवं आगरा सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर और विधायक डॉ. जीएस धर्मेश सदन में पहुंचे। चूंकि सांसद और विधायकों को भी मतदान का अधिकार प्राप्त है, इसलिए भाजपा ने अपने सभी जनप्रतिनिधियों और पार्षदों को एकजुट रहने के निर्देश दिए थे।
अंत में बनी सहमति, टला मतदान
दोपहर करीब दो बजे तक चली लंबी चर्चा के बाद भाजपा और बसपा के बीच सहमति का रास्ता निकला। भाजपा की ओर से वेद प्रकाश गोस्वामी और बसपा की ओर से माता प्रसाद व पुष्पा कुमारी ने अपने नामांकन वापस ले लिए। नाम वापसी के बाद चुनाव की प्रक्रिया निर्विरोध पूरी हो गई। इसके बाद नए सदस्यों के नामों पर औपचारिक मुहर लगा दी गई।
कार्यकारिणी में चुने गए नए सदस्य:
प्रवीना राजावत (भाजपा)
हेमंत प्रजापति (भाजपा)
अतुल अवस्थी (भाजपा)
रवि करोतिया (भाजपा)
गुड्डू राठौर (भाजपा)
निधि सिंह (बसपा)
कार्यकारिणी का महत्व
नगर निगम कार्यकारिणी समिति को नगर सरकार का ‘डिसीजन मेकिंग’ पावर हाउस माना जाता है। शहर की विकास परियोजनाओं, बजट आवंटन और प्रशासनिक प्रस्तावों को अंतिम रूप देने में इस समिति की भूमिका निर्णायक होती है। इसी वजह से राजनीतिक दल इसे अपनी प्रतिष्ठा का विषय मानते हैं और इसमें अपनी पकड़ मजबूत रखने की पूरी कोशिश करते हैं।
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