बुलंदशहर में सिपाही की आत्महत्या से हड़कंप: थाना प्रभारी और मुंशी पर उत्पीड़न का आरोप, वायरल ऑडियो ने खोली पोल

स्थानीय समाचार

आगरा। उत्तर प्रदेश पुलिस में महज तीन महीने पहले भर्ती हुए आगरा के एक युवा सिपाही ने बुलंदशहर में ड्यूटी के दौरान सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सिपाही की मौत से पहले का एक ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें उसने अपने थाना प्रभारी और मुंशी पर उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

यह घटना गुरुवार तड़के करीब तीन बजे बुलंदशहर के औरंगाबाद क्षेत्र स्थित लखावटी पुलिस चौकी के पास हुई। मृतक सिपाही की पहचान आगरा के इरादतनगर थाना क्षेत्र के गांव संगेचा निवासी 25 वर्षीय सुधीर ठाकुर पुत्र जगवीर सिंह के रूप में हुई है।

तीन महीने पहले ही हुई थी भर्ती

सुधीर वर्ष 2025 बैच का रिक्रूट कांस्टेबल था और हाल ही में उसकी पुलिस विभाग में नियुक्ति हुई थी। वह अपने परिवार में तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। बड़े भाई कृष्णा गांव में खेती करते हैं, जबकि छोटा भाई पवन पढ़ाई कर रहा है। पिता जगवीर और मां गुड्डी देवी खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सुधीर की मौत की खबर मिलते ही गांव और परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

साथी सिपाही ने बचाने की कोशिश की

मृतक के साथी सिपाही सौरभ ने अधिकारियों को बताया कि बुधवार देर रात सभी पुलिसकर्मी चौकी पर मौजूद थे, लेकिन सुधीर काफी परेशान और बेचैन दिखाई दे रहा था। वह बार-बार कह रहा था कि अब वह जीना नहीं चाहता।

तड़के करीब तीन बजे सुधीर अपनी सर्विस राइफल लेकर चौकी से कुछ दूरी पर नहर की ओर चला गया। सौरभ को शक हुआ तो वह भी उसके पीछे गया। उसने सुधीर को समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने किसी की बात नहीं सुनी।

सौरभ के मुताबिक, जब उसने सुधीर को रोकने का प्रयास किया तो उसने उसे भी गोली मारने की धमकी दी और हवा में फायरिंग कर दी। इसके बाद सौरभ चौकी इंचार्ज को सूचना देने के लिए भागा। इसी बीच सुधीर ने अपनी गर्दन पर राइफल सटाकर गोली चला दी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है।

ऑडियो में थाना प्रभारी और मुंशी पर लगाए आरोप

घटना के बाद एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसे कथित तौर पर सुधीर ने आत्महत्या से पहले अपने परिजनों को भेजा था। ऑडियो में वह खुद को रिक्रूट कांस्टेबल बताते हुए कहता है कि 13 जुलाई को उसकी तबीयत खराब थी और पेट में दर्द हो रहा था।

सुधीर ने आरोप लगाया कि उसने अपनी समस्या थाने के मुंशी अंकित और थाना प्रभारी राहुल चौधरी को बताई थी, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। ऑडियो में उसने कहा कि अधिकारियों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और उसे लाइन हाजिर कर दिया। वायरल ऑडियो में वह कहता सुनाई दे रहा है कि वह नौकरी और जिंदगी दोनों छोड़ रहा है तथा अपनी मौत के लिए मुंशी अंकित और एसओ राहुल चौधरी को जिम्मेदार मानता है।

प्रेम प्रसंग का एंगल भी आया सामने

पुलिस की शुरुआती जांच में एक अन्य पहलू भी सामने आया है। साथी सिपाही सौरभ के अनुसार, सुधीर जिस युवती से प्रेम करता था, उसकी करीब एक महीने पहले शादी हो गई थी। इसके बाद से वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। साथियों ने कई बार उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अक्सर निराशा भरी बातें करता था। पुलिस अब सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल ऑडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, मृतक सिपाही के परिजनों और सहकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है।

Dr. Bhanu Pratap Singh