लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के 24वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शिक्षा और जीवन के मूल्यों पर बेबाक राय रखी। समारोह के दौरान उन्होंने जहां एक ओर छात्राओं को आत्मनिर्भरता का मंत्र दिया, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय की बदइंतजामी पर नाराजगी जाहिर करते हुए प्रशासन को आईना दिखाया।
‘पराक्रम’ से बचने की सलाह
राज्यपाल ने समाज में बालगृहों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि युवा अवस्था में जल्दबाजी में लिए गए फैसले दुखद परिणाम लाते हैं। उन्होंने कहा, “आजकल लड़के-लड़कियां भागकर शादी कर लेते हैं, फिर अनचाही प्रेग्नेंसी के बाद बच्चे सरकार के भरोसे छोड़ दिए जाते हैं, जिन्हें कोई स्वीकार नहीं करता। आप ऐसा ‘पराक्रम’ न करें।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे लव मैरिज की विरोधी नहीं हैं, लेकिन युवाओं को पहले आत्मनिर्भर बनना चाहिए और फिर शादी का निर्णय लेना चाहिए।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर खड़े किए सवाल
निरीक्षण के दौरान दिखी खामियों पर राज्यपाल काफी नाराज दिखीं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में उपयोगिता और गुणवत्ता का अभाव देखकर निराशा होती है। उन्होंने सवाल किया, “निर्माण कार्यों के डिजाइन देखने के बाद लगता है कि क्या इनकी डिग्री फर्जी तो नहीं है?”
राज्यपाल ने उदाहरण दिए लाइट के स्विच बोर्ड कमरे के बीच में लगे हैं। आंगनबाड़ी और स्कूलों में पानी के नल और टॉयलेट बच्चों की ऊंचाई से कहीं ऊपर बने हैं। यूनिवर्सिटी में लाइब्रेरी और हॉस्टल के बीच की दूरी अव्यावहारिक है।
सरकारी शिक्षकों से बढ़ाई उम्मीदें
समारोह में मेडल पाने वाले छात्रों के आंकड़े (सरकारी कॉलेज के 17 और प्राइवेट के 49) का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सरकारी कॉलेजों में गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अधिक मेहनत करें ताकि गरीब बच्चों को प्राइवेट कॉलेजों के छात्रों के बराबर शिक्षा मिल सके। उन्होंने युवाओं को ‘वाइब्रेंट गुजरात’ मॉडल से सीखते हुए राज्य में निवेश और रोजगार से संबंधित जानकारी से अपडेट रहने की सलाह दी।
विश्वविद्यालय की प्रगति और नवाचार
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि एनईपी (NEP) 2020 के तहत इंटर-डिसीप्लीनरी और माइनर डिग्री शुरू की गई हैं। इस साल से बीबीए और ड्यूल डिग्री कार्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं। छात्रों को एआई (AI) एप्लीकेशन पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है।
प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने छात्रों से कहा कि अब समय समाज को वापस देने का है। उन्होंने प्रधानमंत्री के सपनों के अनुरूप उत्तर प्रदेश को स्मार्ट और आत्मनिर्भर बनाने में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
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