योग का ‘वैश्विक महाकुंभ’: 210 भारतीय मिशनों ने दुनिया को जोड़ा, टाइम्स स्क्वायर से लेकर लिंकन मेमोरियल तक गूंजा ‘योग’

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​मुंबई/नई दिल्ली। दुनिया भर में 21 जून 2026 को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) ने एक नया इतिहास रच दिया है। ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ की थीम पर आधारित इस वैश्विक उत्सव ने भारत की प्राचीन संस्कृति को सीमाओं के पार एक बड़े ‘आरोग्य आंदोलन’ के रूप में स्थापित कर दिया है। विदेश मंत्रालय और आईसीसीआर (ICCR) के नेतृत्व में दुनिया के 210 से अधिक भारतीय मिशनों ने 2,500 से अधिक ऐतिहासिक स्थानों पर योग शिविर आयोजित कर मानवता को निरोगी जीवन का संदेश दिया।

अमेरिका से लेकर चीन तक: योग का अभूतपूर्व उत्साह

इस वर्ष योग की गूंज दुनिया के हर कोने में सुनाई दी। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा की उपस्थिति में लिंकन मेमोरियल पर भव्य आयोजन हुआ, जहाँ आयुर्वेद कॉर्नर आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं, न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग गुरु एच.आर. नागेंद्र के नेतृत्व में हुई विशाल योग सभा ने सबका मन मोह लिया। वॉशिंगटन डी.सी. से लेकर टोरंटो और शंघाई तक, योग ने विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं को एक सूत्र में पिरो दिया।

विशेष आयोजन और समावेशिता

इस योग दिवस की एक खास उपलब्धि ‘कॉमन योग प्रोटोकॉल’ (CYP) का संयुक्त राष्ट्र की छह आधिकारिक भाषाओं में अनुवाद रहा, जिसने दुनिया भर के लोगों को एक साथ अभ्यास करने का अवसर दिया। अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में ओलंपिक पार्क में पहली बार दिव्यांगजनों के लिए विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जो योग की समावेशी प्रकृति को दर्शाता है। साथ ही, बर्मिंघम, बर्लिन और स्वीडन जैसे देशों में भी योग शिविरों के जरिए जन-जन को स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया गया।

​यह अभूतपूर्व भागीदारी स्पष्ट संकेत है कि योग अब महज एक दिन का उत्सव नहीं रह गया है, बल्कि दुनिया भर के कार्यस्थलों और दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनकर एक वैश्विक स्वास्थ्य क्रांति का नेतृत्व कर रहा है।

-अनिल बेदाग

Dr. Bhanu Pratap Singh