Agra News: अखिल भारतीय महिला परिषद ने फूंका पर्यावरण जागरूकता का बिगुल, महिलाओं और बच्चों को सिखाए प्रकृति संरक्षण के गुर

PRESS RELEASE

आगरा: जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के बढ़ते खतरों और पर्यावरण असंतुलन को देखते हुए अखिल भारतीय महिला परिषद की नगर शाखा ने एक सराहनीय पहल की है। भावना एस्टेट स्थित सीताराम मंदिर में आयोजित एक विशेष जागरूकता संगोष्ठी में 60 से अधिक महिलाओं और बच्चों को प्रकृति संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण बचाने के लिए छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी कदमों पर जोर दिया गया।

​कविता से मिला प्रकृति प्रेम का संदेश

संगोष्ठी की शुरुआत वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मधु भारद्वाज की ओजस्वी पंक्तियों के साथ हुई, जिन्होंने विकास की अंधी दौड़ में वनों के विनाश को रोकने का आह्वान किया। उन्होंने संदेश दिया कि वृक्षों का अस्तित्व ही मानव जीवन की सुरक्षा का एकमात्र आधार है।

​वन संरक्षण और बढ़ता पर्यावरणीय संकट

परिषद की अध्यक्ष श्रीमती उमा सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जंगलों की अंधाधुंध कटाई से भूजल स्तर गिर रहा है और तापमान में खतरनाक बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि ग्लेशियरों का पिघलना आने वाले समय के लिए एक बड़ी चेतावनी है। उन्होंने उपस्थित सभी सदस्यों से अपील की कि वे अपने जन्मदिन या विशेष अवसरों पर वृक्षारोपण को अपनी आदत बनाएं।

आदतों में बदलाव से आएगा बड़ा बदलाव

संगोष्ठी में सुश्री मानी महाजन ने प्रोजेक्टर के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के तकनीकी पहलुओं को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तिगत जीवन शैली का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें। पानी का अपव्यय रोकें और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दें। एसी और वाहनों का उपयोग केवल आवश्यकता होने पर ही करें जैसे उपायों पर जोर दिया।

जागरूकता में भागीदारी

कार्यक्रम का संचालन प्रेमलता मिश्रा ने किया। इस अवसर पर श्रीमती रजनी शर्मा, सरोज प्रशांत, चित्ररेखा कटियार, ममता खन्ना, रूपा मेहरा, रश्मि कुलश्रेष्ठ, चंदा मेहरोत्रा और वर्षा खन्ना सहित परिषद की अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहीं। सभी ने पर्यावरण को बचाने और आगामी पीढ़ियों को एक सुरक्षित भविष्य देने का संकल्प लिया।

Dr. Bhanu Pratap Singh