आगरा। आगरा के थोक दवा बाजार के हृदय स्थल फव्वारा इलाके में शनिवार को ड्रग विभाग की एक बड़ी कार्रवाई ने पूरे दवा कारोबार में हड़कंप मचा दिया है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर ड्रग विभाग की एक विशेष टीम ने ‘बौहरे राम गोपाल मार्केट’ स्थित एक दुकान पर छापेमारी की, जहाँ से भारी मात्रा में संदिग्ध, एक्सपायर्ड और बिना लाइसेंस की दवाएं बरामद हुई हैं। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गोपनीय सूचना पर हुई कार्रवाई
औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार के नेतृत्व में गठित इस विशेष टीम में बुलंदशहर, उन्नाव, गौतमबुद्ध नगर, रामपुर और संभल के ड्रग इंस्पेक्टर भी शामिल थे। छापेमारी की सूचना इतनी गोपनीय रखी गई थी कि जब टीम मार्केट के भीतर पहुंची, तो आसपास की कई दुकानों के संचालकों में खलबली मच गई और उन्होंने अपने शटर गिरा दिए।
ताला खोलते ही सामने आई अवैध दुनिया
टीम सीधे मार्केट की दूसरी मंजिल पर स्थित दुकान नंबर 17 पर पहुंची, जो बंद थी। भवन स्वामी जगदीश राठी की मौजूदगी में जब दुकान का शटर खुलवाया गया, तो अंदर का नज़ारा अधिकारियों को चौंकाने वाला था। दुकान में नामी मल्टीनेशनल कंपनियों के ‘फिजिशियन सैंपल्स’ का अंबार लगा था। इन पर स्पष्ट तौर पर ‘Not For Sale’ अंकित था, जिन्हें अवैध रूप से बाजार में खपाने की तैयारी थी।
गुणवत्ता से खिलवाड़ के प्रमाण
जांच के दौरान टीम ने पाया कि कई दवाओं के पैकेटों पर अंकित एमआरपी को काले मार्कर से मिटा दिया गया था और उन पर अवैध स्टीकर चस्पा किए गए थे। कई ऐसी दवाएं मिलीं, जिनकी एक्सपायरी डेट काफी पहले निकल चुकी थी।दवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक कोल्ड चेन या तापमान नियंत्रण का कोई इंतजाम नहीं था। बिना कोल्ड चेन के रखी गई जीवनरक्षक दवाएं और इंसुलिन मरीजों के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा हो सकती हैं।
कानूनी शिकंजा और पुलिस की दबिश
टीम ने मौके से 12 संदिग्ध दवाओं के नमूने सील करके जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे हैं। शेष पूरे अवैध स्टॉक को 13 बड़ी बोरियों में भरकर दुकान को सील कर दिया गया। मौके पर न मिलने वाले संचालक सुमित गुप्ता और उनकी पत्नी संजोली गुप्ता के खिलाफ कोतवाली थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
बाजार में बढ़ा तनाव
इस कार्रवाई के बाद से फव्वारा और आसपास के दवा बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। जानकारों का कहना है कि यह केवल एक दुकान का मामला नहीं, बल्कि दवाओं की कालाबाजारी के एक बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान अभी थमेगा नहीं और शहर के अन्य संदिग्ध ठिकानों की निगरानी तेज कर दी गई है।
- जब अखिलेश यादव बोले- कैमरा बंद करके चढ़ावा वापस रख दीजिए, भगवान श्री राम माफ कर देंगे - June 14, 2026
- महाराणा प्रताप के शौर्य से राष्ट्रवाद का संकल्प: आगरा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर साधा निशाना, गिनाईं केंद्र सरकार की उपलब्धियां - June 14, 2026
- आगरा की राजनीति में चर्चा का विषय बना रक्षा मंत्री का बयान: भाषण समाप्त करने के बाद दोबारा माइक संभालकर की सांसद चाहर की तारीफ - June 14, 2026