आगरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देशों के अनुपालन में, भरतपुर नरेश महाराजा सूरजमल के ऐतिहासिक ‘विजय दिवस’ को पूरे सम्मान और भव्यता के साथ मनाया गया। आगरा किले के ऐतिहासिक जहांगीर महल परिसर में आयोजित इस विशेष सांस्कृतिक समारोह ने महाराजा सूरजमल के अद्वितीय शौर्य, सुशासन और राष्ट्रभक्ति की गाथाओं को पुनः जनमानस के हृदय में स्थापित कर दिया।
महाराजा सूरजमल: शौर्य और सुशासन के प्रतीक
कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा सूरजमल के भव्य चित्र पर माल्यार्पण और पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने महाराजा सूरजमल को नमन करते हुए कहा कि वे भारतीय इतिहास के ऐसे ध्रुवतारे हैं, जिनका जीवन न केवल पराक्रम से भरा था, बल्कि वे सामाजिक समरसता और जनकल्याण की नीति के पक्के पैरोकार भी थे। उन्होंने कहा, “महाराजा सूरजमल का इतिहास मात्र एक शासक की विजय गाथा नहीं है, बल्कि यह सुशासन और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की वह मिसाल है जो सदियों तक राष्ट्र को प्रेरित करती रहेगी।”
संस्कृति और वीरता का अद्भुत समन्वय
कार्यक्रम के दौरान आगरा उत्तर के विधायक डॉ. जी.एस. धर्मेश ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच के कारण ही आज इतिहास के ऐसे स्वर्णिम पृष्ठों को वह सम्मान मिल रहा है, जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा, “पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण है, बल्कि यह नई पीढ़ी को वीरता और बलिदान की उन महान परंपराओं से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है, जिन पर हमें गर्व है।”
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
जहांगीर महल की ऐतिहासिक दीवारों के बीच जब कलाकारों ने महाराजा सूरजमल के जीवन संघर्ष और उनकी ऐतिहासिक विजयों को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से मंच पर उतारा, तो वहां उपस्थित हर व्यक्ति भावविभोर हो गया। वीर रस और देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों और नृत्यों ने पूरे वातावरण को ओजस्वी बना दिया।
प्रमुख उपस्थिति एवं सहभागिता
इस गौरवपूर्ण कार्यक्रम में महाराजा सूरजमल के वंशज नेम सिंह फौजदार विशेष रूप से उपस्थित रहे। समारोह में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के दिग्गजों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई, जिनमें वरिष्ठ नेता चौधरी उदयभान सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, हेमेंद्र शर्मा, महेश शर्मा, रोहित कत्याल, पुरुषोत्तम फौजदार, विवेक धर्मेश, शिविर जैन, राजेंद्र सिंह चाहर, मोहन सिंह सोलंकी, सत्यपाल अत्री, दलवीर सिंह रावत, राजवीर भगोर, यादराम वर्मा, हरिओम चौधरी, विकास भारद्वाज, बजरंगी चौधरी, नंदी महाजन और कुंवर शैलराज सिंह शामिल थे।
इस आयोजन में भारी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, इतिहास प्रेमियों और आगरा के नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम ने यह सिद्ध किया कि महाराजा सूरजमल का योगदान भारतीय जनमानस के स्मृति पटल पर आज भी कितना जीवंत और सम्मानित है। पर्यटन विभाग द्वारा की गई भव्य व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने इस विजय दिवस को यादगार बना दिया।
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