आगरा के फतेहाबाद में बड़ा हादसा: उटंगन नदी में नहाने गए दो मासूमों की डूबने से मौत, बकरियां चराने गए थे बच्चे

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​आगरा। फतेहाबाद थाना क्षेत्र में मंगलवार का दिन एक ऐसी त्रासदी लेकर आया जिसने पूरे वरना गांव को झकझोर कर रख दिया। भीषण गर्मी से बेहाल दो मासूम बच्चे, जो घर से बकरियां चराने निकले थे, उटंगन नदी की लहरों की भेंट चढ़ गए। नदी में नहाने के दौरान हुए इस दर्दनाक हादसे में दोनों बच्चों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद से गांव में मातम का माहौल है और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​खेलते-खेलते मौत के मुंह में समाए मासूम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वरना गांव निवासी 12 वर्षीय प्रशांत और 11 वर्षीय लक्ष्मण मंगलवार की दोपहर अपने मवेशियों को लेकर नदी किनारे गए थे। गर्मी के तेवर तीखे होने के कारण बच्चों ने नदी के ठंडे पानी में नहाने का मन बनाया। खेल-खेल में वे कब गहरे पानी की चपेट में आ गए, उन्हें आभास ही नहीं हुआ। देखते ही देखते दोनों बच्चे नदी के अथाह जल में ओझल हो गए।

​ग्रामीणों ने की बचाने की भरपूर कोशिश

बच्चों के डूबने की खबर मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और स्थानीय लोग तुरंत नदी की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर नदी में गोता लगाया और बच्चों की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सा सहायता पहुँचने से पहले ही मासूमों की सांसें थम चुकी थीं।

परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़

एक साथ दो घरों के चिराग बुझने से वरना गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। जिस घर में कल तक बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब केवल चीख-पुकार सुनाई दे रही है। परिजनों के लिए इस असहनीय दुख को संभालना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ये दोनों बच्चे रोज की तरह बकरियां चराने निकले थे, लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि ये हंसी-खुशी उनकी अंतिम विदाई साबित होगी।

​पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजे शव

हादसे की सूचना मिलने पर फतेहाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। गांव के लोगों ने नदी के खतरनाक हिस्सों पर सुरक्षा के इंतजाम न होने को लेकर भी रोष जताया है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके।

Dr. Bhanu Pratap Singh