वृंदावन: बांकेबिहारी मंदिर के पास बड़ा हादसा; जर्जर छज्जा गिरने से 9 श्रद्धालु घायल, प्रशासन ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

REGIONAL

​वृंदावन। विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर के निकट मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। मंदिर की गली नंबर-5 में स्थित एक जर्जर मकान का छज्जा अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आकर करीब 9 श्रद्धालु घायल हो गए। तेज आंधी और बंदरों की उछल-कूद को इस हादसे का मुख्य कारण बताया जा रहा है। घटना के बाद पूरे मंदिर क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

​ऐसे हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय जब श्रद्धालु मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी जर्जर छज्जे पर बंदरों की आपसी लड़ाई और तेज आंधी के कारण वह भरभराकर नीचे आ गिरा। मलबे के साथ ईंट और कंक्रीट गिरने से आसपास मौजूद श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तुरंत मलबे से बाहर निकाला।

​प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

सूचना मिलते ही जिलाधिकारी सी.पी. सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। क्षेत्राधिकारी सदर पीतम पाल सिंह के अनुसार, सभी घायलों का उपचार चल रहा है और राहत की बात यह है कि किसी की स्थिति गंभीर नहीं है। एहतियात के तौर पर मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया गया और वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग किया गया।

​पुराने भवनों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

यह घटना दो वर्ष पूर्व हुई उस त्रासदी की याद दिला गई, जिसने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा जर्जर भवनों का सर्वे तो किया जाता है, लेकिन उनके ध्वस्तीकरण या मरम्मत को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते। वृंदावन की संकरी गलियों में भारी भीड़ के बीच ऐसे पुराने भवन किसी ‘टाइम बम’ से कम नहीं हैं। बरसात का मौसम आने से पहले इस तरह के हादसों ने सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे में घायल श्रद्धालुओं की सूची

हादसे में अलीगढ़, आगरा, दिल्ली, इटावा और राजस्थान से आए श्रद्धालुओं को चोटें आई हैं। इनमें लक्ष्मीनारायण, रुद्रांश, विजय, उर्मिला देवी, चंचल प्रजापति, जानकी देवी, मेधा सैनी, गोविंद और आस्था भदौरिया शामिल हैं। सभी का विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है।

Dr. Bhanu Pratap Singh