नई दिल्ली/आगरा: भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने लोकसभा में कृषि क्षेत्र की मजबूती और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। सांसद चाहर ने केंद्र सरकार से कृषि अवसंरचना निधि (Agriculture Infrastructure Fund – AIF) के क्रियान्वयन और उससे किसानों को मिल रहे वास्तविक लाभ पर विस्तृत डेटा मांगा।
सांसद के सवाल पर कृषि मंत्री का विस्तृत जवाब
सांसद राजकुमार चाहर के प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन को चौंकाने वाले और उत्साहजनक आंकड़े प्रस्तुत किए।
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 11 मार्च 2026 तक की स्थिति इस प्रकार है । देश भर में कुल 1,70,241 परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। इन परियोजनाओं के माध्यम से कृषि ढांचे में ₹84,502.78 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी गई है। माइलस्टोन के आधार पर अब तक ₹62,219.10 करोड़ की ऋण राशि जारी की जा चुकी है।
किसानों को सीधा वित्तीय लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह निधि केवल बड़े उद्यमियों के लिए नहीं, बल्कि छोटे किसानों, FPOs (किसान उत्पादक संगठनों) और सहकारी समितियों के लिए वरदान साबित हो रही है।
अब तक ₹1,431.44 करोड़ का ब्याज अनुदान (Interest Subvention) दिया गया है। छोटे कर्जदारों की मदद के लिए ₹476.96 करोड़ की क्रेडिट गारंटी प्रदान की गई है, जिससे बिना किसी बड़ी गारंटी के ऋण लेना आसान हुआ है।
IIM ने अध्ययन से ये बताया कि आय में 25% तक की वृद्धि हुई है ।
सांसद चाहर द्वारा योजना के प्रभाव पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) द्वारा किए गए एक अध्ययन का हवाला दिया। रिपोर्ट के अनुसार AIF योजना के जमीनी परिणाम बेहद सकारात्मक रहे हैं।
किसानों की आय में 11% से 25% तक का इजाफा दर्ज किया गया है। फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान (Post-harvest loss) में 5% से 15% तक की कमी आई है। लगभग 63% किसानों ने माना कि भंडारण और प्रोसेसिंग सुविधाओं के कारण उन्हें अपनी उपज का पहले से बेहतर दाम मिल रहा है। किसानों की सीधा बाजार तक पहुंच में 10% से 25% का सुधार हुआ है।
बदल रही है ग्रामीण भारत की तस्वीर
इस निधि का उपयोग ग्रामीण इलाकों में आधुनिक गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट और सप्लाई चेन विकसित करने में किया जा रहा है। इससे किसान अब अपनी फसल को औने-पौने दाम पर बेचने के बजाय सुरक्षित रख पा रहे हैं और बाजार भाव बढ़ने पर बेच रहे हैं।
सांसद राजकुमार चाहर की सक्रियता की सराहना
संसद में कृषि जैसे बुनियादी मुद्दे को तकनीकी बारीकियों के साथ उठाने पर राजनीतिक गलियारों में राजकुमार चाहर की सराहना हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष के रूप में उनकी यह सक्रियता दर्शाती है कि सरकार और संगठन किसानों को ‘विश्व गुरु’ भारत की अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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