सरहद का रखवाला घर में हारा: छुट्टी पर आए सेना के हवलदार ने घर में लगाया फंदा, पिता ने बहू और ससुराल वालों पर लगाए गंभीर आरोप

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आगरा। ताजनगरी में देश की रक्षा करने वाले एक जांबाज जवान की संदिग्ध मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। लेह-लद्दाख की दुर्गम चोटियों पर तैनात सेना के हवलदार उत्कर्ष कुमार सिंह का शव आगरा स्थित उनके आवास पर फांसी के फंदे से लटका मिला। बुधवार देर रात हुई इस घटना के बाद ग्वालियर रोड क्षेत्र में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि मृतक के पिता ने पत्नी और ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

​छुट्टी पर घर आए थे हवलदार उत्कर्ष

जानकारी के मुताबिक, हवलदार उत्कर्ष कुमार सिंह भारतीय सेना में कार्यरत थे और वर्तमान में उनकी तैनाती लेह-लद्दाख जैसे संवेदनशील क्षेत्र में थी। वे कुछ दिन पहले ही छुट्टी लेकर अपने घर आगरा आए हुए थे। परिजनों को उम्मीद थी कि वह परिवार के साथ समय बिताकर वापस अपनी ड्यूटी पर लौट जाएंगे, लेकिन बुधवार की रात उनके घर के कमरे में उनका शव फंदे से लटका मिला। जैसे ही परिजनों की नजर उन पर पड़ी, चीख-पुकार मच गई।

​पत्नी और ससुराल वालों पर ‘सुसाइड’ के लिए उकसाने का आरोप

इस मामले में मृतक के पिता ने पुलिस को दी गई तहरीर में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पिता का आरोप है कि उत्कर्ष की पत्नी साधना सिंह और उसके मायके वाले पिछले काफी समय से उत्कर्ष को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। पिता का दावा है कि इसी पारिवारिक कलह और ससुराल पक्ष के उत्पीड़न से तंग आकर उनके बेटे ने आत्मघाती कदम उठाया है।

​पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू

सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर पत्नी साधना सिंह और उसके मायके वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी, फिलहाल साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

​इलाके में शोक की लहर

देश की सीमा पर दुश्मनों का सामना करने वाले एक जवान की घर के भीतर इस तरह मौत होने से स्थानीय लोगों में गहरा शोक और आक्रोश है। पड़ोसियों ने बताया कि उत्कर्ष बेहद शांत और मिलनसार स्वभाव के थे। वह अपनी ड्यूटी को लेकर हमेशा गर्व महसूस करते थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि घर के भीतर का तनाव उनकी जान ले लेगा।

Dr. Bhanu Pratap Singh