आगरा में ‘न्यायिक संवाद’: न्यायमूर्ति नलिन श्रीवास्तव बोले- “न्याय तक आम आदमी की पहुंच के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण अनिवार्य”

PRESS RELEASE

आगरा। न्याय व्यवस्था में तकनीक और प्रक्रियागत सुधारों के बावजूद अभी भी ऐसे कई पहलू हैं, जिनमें व्यापक बदलाव और समयानुकूल संशोधन की जरूरत है। न्याय तक तेज पहुंच, कानूनी प्रक्रिया का सरलीकरण और कानूनों में सुधार जैसे मुद्दों पर केवल न्यायपालिका नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं और समाज की भी बड़ी भूमिका है। यह बात रविवार को आगरा में आयोजित ‘न्यायिक संवाद’ कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों ने कही।

यह कार्यक्रम कैप्टन शुभम फाउंडेशन की ओर से समाज में न्याय व्यवस्था को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। सक्षम डाबर मेमोरियल फाउंडेशन के सहयोग से त्रिवेणी फार्म, अरतौनी में हुए इस संवाद में न्यायपालिका, अधिवक्ता जगत और शहर के कई प्रबुद्ध नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।

न्याय प्रणाली में बदलाव हो रहे हैं, लेकिन अभी और सुधार जरूरी

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति नलिन श्रीवास्तव और राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति राजीव लोचन मेहरोत्रा ने कहा कि न्याय प्रणाली में बदलाव तेजी से हो रहे हैं, लेकिन आम लोगों को समय पर न्याय मिले, इसके लिए प्रक्रिया को और सरल बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नए कानूनों में जरूरी संशोधन और सुधार तभी प्रभावी होंगे, जब अधिवक्ता समुदाय और समाज जागरूक होकर सहयोग करेगा ।

औद्योगिक विकास में कानूनी अड़चनें भी चर्चा में रहीं

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रमुख उद्यमी और विचारक पूरन डावर (चेयरमैन, पादुका एवं चर्म उद्योग विकास परिषद, भारत सरकार) ने आगरा में औद्योगिक विस्तार के दौरान आने वाली कानूनी अड़चनों का उल्लेख किया और व्यावहारिक समाधान भी सुझाए।

भारतीय न्याय परम्परा और संवाद की जरूरत पर जोर

भारत विकास परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. तरुण शर्मा ने विषय प्रवर्तन करते हुए प्राचीन भारतीय न्याय व्यवस्था की विशेषताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कैप्टन शुभम फाउंडेशन के कार्यों और “न्यायिक संवाद” जैसे मंच की जरूरत पर भी प्रकाश डाला। परिषद के क्षेत्रीय संरक्षक केशव दत्त गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया।

मंच पर न्यायिक और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद

कार्यक्रम में आगरा के प्रभारी जनपद न्यायाधीश पुष्कर उपाध्याय, बार एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट विनोद शुक्ला भी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट बसंत गुप्ता और धर्म गोपाल मित्तल ने किया।आगरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एड. सुभाष बाबू परमार ने आभार व्यक्त किया।

पूर्व जनपद न्यायाधीशों को देखकर भावुक हुए लोग

कार्यक्रम में शहर के कई वरिष्ठ अधिवक्ता और नागरिक लंबे समय बाद न्यायमूर्ति नलिन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजीव लोचन मेहरोत्रा को अपने बीच पाकर भावुक दिखे। दोनों न्यायमूर्ति पूर्व में आगरा में जनपद न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।

वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सम्मान

कार्यक्रम में न्यायिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सम्मान भी किया गया। सम्मानित अधिवक्ताओं में प्रताप स्वामी मेहरा, देवेंद्र बाजपेई, इंद्रभान सिंह, बनवारी लाल अग्रवाल, करतार सिंह भारती, विजय शर्मा, गिरवर नारायण अग्रवाल, बलवीर सिंह, राम मोहन कोटिया, अनिल वर्मा, अविनाश शर्मा, धर्मवीर सिंह शामिल रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् से

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से हुई, जिसे गुंजन अग्रवाल, अंजू सिंघल, नीलिमा शर्मा, दीपा गर्ग, पुष्पा गुप्ता और निहारिका अग्रवाल ने प्रस्तुत किया। आयोजन व्यवस्थाओं में तपन अग्रवाल, रोहित पुरी, विनय सिंह, प्रशांत अग्रवाल, अखिलेश भटनागर, मुकेश मित्तल, जितेंद्र मित्तल, ऋषभ गुप्ता का योगदान रहा।

Dr. Bhanu Pratap Singh