आगरा। पिनाहट ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पापरी नागर स्थित मुखिया फार्म हाउस में शनिवार को विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण पहुंचे। कार्यक्रम में धर्म, संस्कृति और सनातन एकता को लेकर संदेश दिया गया। सम्मेलन का मार्गदर्शन आचार्य कौशिक महाराज ने किया, जिन्होंने हिंदू एकता, गोरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और आरती के साथ हुई। इसके बाद आचार्य कौशिक महाराज ने गीता और महाभारत के प्रसंगों के माध्यम से धर्म की शक्ति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पांडवों की सेना भले ही संख्या में कमजोर थी, लेकिन उनके साथ भगवान श्रीकृष्ण थे, इसलिए उन्हें कोई पराजित नहीं कर सका।
आचार्य जी ने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन से परमात्मा को अलग नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देवी-देवताओं का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
गोरक्षा पर दिया विशेष संदेश
आचार्य कौशिक महाराज ने गोरक्षा को लेकर लोगों से अपील की कि गौवंश को नुकसान न पहुंचाया जाए। उन्होंने खेतों में तार लगाने से बचने की बात कही और असहाय गायों के लिए समाज से सहयोग जुटाकर उन्हें गौ तीर्थ, तुलसी तपोवन, वृंदावन जैसे सुरक्षित स्थानों पर भेजने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि गाय धरती की माता है और गौवंश की रक्षा से समाज का कल्याण जुड़ा है।
सामाजिक बुराइयों पर भी जताई चिंता
उन्होंने बिजली चोरी और रेल में बिना टिकट यात्रा जैसी आदतों को गलत बताते हुए इन्हें समाज के नैतिक पतन से जोड़कर देखा और लोगों से इन बुराइयों को छोड़ने की अपील की।
जातिवाद पर टिप्पणी, एकता का संदेश
आचार्य जी ने जातिवाद पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि जाति ही सब कुछ होती तो भगवानों के नाम भी जातियों से जुड़े होते। उन्होंने चतुर्वर्ण व्यवस्था को समाज की सेवा-व्यवस्था बताते हुए कहा कि अलग-अलग वर्गों की भूमिका समाज को मजबूत बनाती है।
यूसीसी पर भी रखी बात
सम्मेलन में आचार्य जी ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे कानून समाज को बांटने का काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह संदेश जाना चाहिए कि हिंदू समाज बंटना नहीं चाहता और सनातन परंपराओं से छेड़छाड़ न हो।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सी.ए. संजीव महेश्वरी (विभाग जनसंपर्क प्रमुख) ने कहा कि संस्कार, संस्कृति और सनातन परंपरा ही राष्ट्र की आत्मा है। वहीं अवधूतिका आनंद हितेषणा आचार्य ने हिंदू नारी को शक्ति स्वरूप बताते हुए समाज को मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम का संचालन योगेंद्र परिहार (जिला संपर्क प्रमुख) ने किया।
सम्मेलन में कन्हैया सिंह तोमर, संतोष गहलोत, प्रेम सिंह परिहार, सतीश परिहार, देवानंद परिहार (प्रधान), सत्यवीर तोमर, दिनेश सिंह, अतेंद्र सिंह, सनी सिंह, करण तोमर, अंकुश तोमर, भानु तोमर, राम लखन, अंकुर तोमर, राम मोहन तोमर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे।
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