Aligarh, Uttar pradesh, India. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के शताब्दी वर्ष समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। पीएम मोदी विशेष डाक टिकट का भी विमोचन किया। इसके बाद मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से तालीम लेकर निकले लोग भारत के सर्वश्रेष्ठ स्थानों के साथ ही दुनिया के सैकड़ों देशों में छाए हैं। एएमयू के पढ़े लोग दुनिया में कहीं भी हों, भारत की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। कोरोना काल में एएमयू दवारा समाज की मदद प्रेरणादायक है। एएमयू देश की शक्ति है, इसे कमजोर नहीं होने देना है और न ही भूलना है।
समारोह को केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक हुए कार्यक्रम में शामिल हुए। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी चांसलर सैयद सैफ़ुद्दीन ने भी संबोधित किया। पीएम मोदी की तरफ से यूनिवर्सिटी का निमंत्रण स्वीकार करने के बाद कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने आभार व्यक्त किया। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की ओर से एएमयू के संस्थापक सर सैयद अहमद खां के नाम से अब से पहले तीन बार डाक टिकट जारी किया जा चुका है। आखिरी बार वर्ष 2017 में एएमयू संस्थापक की जयंती को 100 वर्ष पूरे होने पर भी डाक टिकट जारी किया गया था।
मुख्य बातें
-आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। जिस सदी को भारत की बताया जा रहा है, उस लक्ष्य की तरफ भारत कैसे आगे बढ़ता है, इसे लेकर सब उत्सुक हैं। इसलिए हम सबका एकनिष्ठ लक्ष्य ये होना चाहिए कि भारत को आत्मनिर्भर कैसे बनाएं।
– सरकार उच्च शिक्षा में नामांकन की संख्या बढ़ाने और सीटें बढ़ाने के लिए भी लगातार काम कर रही है। वर्ष 2014 में हमारे देश में 16 IITs थे, आज 23 IITs हैं। वर्ष 2014 में हमारे देश में 9 IIITs थे, आज 25 IIITs हैं। वर्ष 2014 में हमारे यहां 13 IIMs थे, आज 20 IIMs हैं।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में 21वीं सदी में भारत के छात्र-छात्राओं की जरूरतों को सबसे ज्यादा ध्यान में रखा गया है। हमारे देश के युवा नेशन फस्ट के आह्वान के साथ देश को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
– पहले मुस्लिम बेटियों को स्कूल ड्रॉपआउट रेट 70% से ज्यादा था वो अब घटकर करीब-करीब 30% रह गया है। पहले लाखों मुस्लिम बेटियां शौचायल की कमी की वजह से पढ़ाई छोड़ देती थीं, अब हालात बदल रहे हैं।
-आज देश जो योजनाएं बना रहा है वो बिना किसी मत मजहब के भेद के हर वर्ग तक पहुँच रही हैं। बिना भेदभाव 40 करोड़ से ज्यादा गरीबों के बैंक खाते खुले। बिना भेदभाव 2 करोड़ से ज्यादा गरीबों को पक्के घर दिए गए। बिना भेदभाव 8 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को गैस मिला।
– मुझे बहुत से लोग बोलते हैं कि एएमयू कैंपस अपने आप में एक शहर की तरह है। अनेक विभाग, दर्जनों हॉस्टल, हजारों टीचर-छात्रों के बीच एक मिनी इंडिया नजर आता है। यहां एक तरफ उर्दू पढ़ाई जाती है, तो हिन्दी भी। अरबी पढ़ाई जाती है तो संस्कृत की शिक्षा भी दी जाती है।
– बीते 100 वर्षों में एएमयू ने दुनिया के कई देशों से भारत के संबंधों को सशक्त करने का भी काम किया है। उर्दू, अरबी और फारसी भाषा पर यहां जो रिसर्च होती है, इस्लामिक साहित्य पर जो रिसर्च होती है, वो समूचे इस्लामिक वर्ल्ड के साथ भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊर्जा देती है।
– एएमयू को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज एएमयू से तालीम लेकर निकले लोग भारत के सर्वश्रेष्ठ स्थानों के साथ ही दुनिया के सैकड़ों देशों में छाए हैं। एएमयू के पढ़े लोग दुनिया में कहीं भी हों, भारत की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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