चारधाम यात्रा 2026 का शंखनाद: 19 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा, पिछले साल से 11 दिन पहले खुलेंगे कपाट

RELIGION/ CULTURE

देहरादून। चारधाम यात्रा को लेकर इस बार श्रद्धालुओं को पहले से ज्यादा समय मिलने जा रहा है। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11 दिन पहले है। पिछले साल यात्रा का शुभारंभ 30 अप्रैल को हुआ था। यात्रा जल्दी शुरू होने से श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए अधिक अवसर मिलेगा और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

उत्तराखंड सरकार और प्रशासन ने यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्यटन विभाग की ओर से व्यवस्थाओं को अपडेट किया जा रहा है। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्व्याल ने बताया कि चारधाम यात्रा की तैयारियां तेजी से पूरी कराई जा रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। पंजीकरण से लेकर दर्शन व्यवस्था तक सभी व्यवस्थाएं बेहतर और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

अक्षय तृतीया को होता है शुभारंभ

चारधाम यात्रा के शुभारंभ के लिए अक्षय तृतीया को विशेष शुभ माना जाता है। मान्यता है कि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया होती है और इस दिन किए गए दान-पुण्य का फल अक्षय रहता है। इसी दिन से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने की परंपरा है। बद्रीनाथ धाम के कपाट खोलने की प्रक्रिया भी इसी दिन को शुभ मानी जाती है।

बताया गया है कि बसंत पंचमी के मौके पर चारधाम यात्रा और कपाट खुलने की तिथि व समय को लेकर औपचारिक घोषणा की जाएगी। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर यह तय माना जा रहा है कि यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी, जिससे इस बार यात्रा अधिक समय तक चलेगी।

पिछले साल की चुनौतियों से सबक

वर्ष 2025 की यात्रा कई विपरीत परिस्थितियों के कारण प्रभावित रही थी। सीमा पर तनाव और धराली व थराली में आई प्राकृतिक आपदाओं के चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई थी। कई बार सुरक्षा कारणों से यात्रा को रोकना भी पड़ा था। इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन पहले से अलर्ट मोड पर है।

प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने ऋषिकेश में चारधाम यात्रा की प्रारंभिक तैयारियों की समीक्षा पूरी कर ली है। सड़क मरम्मत, पेयजल व्यवस्था और यात्रियों के पंजीकरण को लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जल्द ही मुख्य सचिव स्तर पर अंतिम समीक्षा बैठक भी की जाएगी, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

Dr. Bhanu Pratap Singh