लखनऊ। कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी के बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए कमिश्नरेट पुलिस की रिपोर्ट पर सोमवार को सरगना शुभम जायसवाल सहित चार आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है। वहीं, सोनभद्र पुलिस ने भी एक अन्य आरोपी के विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी कराया है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस की संस्तुति पर ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने यह कार्रवाई की है। जिन आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी हुआ है, उनमें प्रह्लादघाट के कायस्थ टोला निवासी सरगना शुभम जायसवाल, खोजवां निवासी दिवेश जायसवाल, सिद्धमाता लेन गोलघर मैदागिन निवासी आकाश पाठक और सोनिया के काजीपुरा खुर्द निवासी अमित जायसवाल शामिल हैं।
जांच में सामने आया है कि शुभम जायसवाल के साथ मिलकर अन्य आरोपी बोगस फर्मों के जरिये कफ सिरप की तस्करी करते थे। माल मंगवाने से लेकर उसे दूसरे स्थानों पर खपाने और बांग्लादेश तक तस्करी के ठोस साक्ष्य मिले हैं। उधर, सोनभद्र पुलिस ने भदोही के नई बाजार चांदनी चौक निवासी निशांत कुमार गुप्ता उर्फ रवि गुप्ता के खिलाफ भी लुकआउट नोटिस जारी कराया है। एसपी अभिषेक वर्मा के अनुसार शुभम जायसवाल और दिल्ली निवासी विशाल उपाध्याय के विरुद्ध पहले से ही लुकआउट नोटिस जारी है।
इधर, कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में शैली ट्रेडर्स के मालिक भोला प्रसाद जायसवाल को सोमवार को जौनपुर कोर्ट में पेश किया गया। सीजेएम न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। भोला प्रसाद जायसवाल, आरोपी शुभम जायसवाल का पिता है। सोनभद्र पुलिस उसे दोपहर में ही जौनपुर लेकर पहुंची थी।
जांच में खुलासा हुआ है कि जौनपुर जिले की 12 फर्मों ने शैली ट्रेडर्स के माध्यम से करीब साढ़े 42 करोड़ रुपये के कोडीनयुक्त कफ सिरप का कारोबार दिखाया, जबकि औषधि विभाग की जांच में यह सिरप न तो यहां आया और न ही वास्तविक बिक्री हुई। इस गोरखधंधे में कई अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है।
औषधि निरीक्षक की तहरीर पर 21 नवंबर को जौनपुर कोतवाली में 12 फर्म संचालकों समेत भोला प्रसाद जायसवाल और उसके पुत्र शुभम जायसवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की जांच एसआईटी कर रही है। भोला प्रसाद जायसवाल को सोनभद्र पुलिस ने कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था और वह तब से जेल में बंद था।
जौनपुर कोतवाली पुलिस द्वारा वांछित होने के चलते उसे सोमवार को सीजेएम श्वेता यादव की अदालत में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस अब आगे की पूछताछ के लिए सोनभद्र जाकर कार्रवाई करेगी।
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