आगरा। रेलवे पार्सल के जरिए सवा करोड़ रुपये के जूते विभिन्न राज्यों में भेजकर बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी करने का मामला सामने आने के बाद केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) विभाग सतर्क हो गया है। विभाग की एंटी इवेज़न टीम अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। शुरुआती पड़ताल में कई जूता कारोबारियों का नाम सामने आने की बात सामने आई है, जिनकी गतिविधियों का बारीकी से रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है। जल्द ही इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
शनिवार रात से रविवार तक चली कार्रवाई में टीम ने कलक्ट्रेट के पास स्थित एक गोदाम से करीब 16 हजार जोड़ी जूते कब्जे में लिए थे। इनकी बाजार कीमत लगभग सवा करोड़ रुपये आंकी गई है।
सूत्रों के अनुसार, शहर के कई जूता निर्माता बिना जीएसटी चुकाए फर्जी बिलों का सहारा लेकर ट्रेनों के जरिए माल प्रदेश के कई जिलों और अन्य राज्यों—जैसे लखनऊ, कानपुर, मेरठ, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक—भेज रहे थे। यह पूरा काम एजेंटों की मदद से संचालित हो रहा था। इसी सूचना के आधार पर सीजीएसटी एंटी इवेज़न शाखा ने राधावल्लभ की बगीची स्थित गोदाम पर छापा मारा था।
गोदाम संचालक अमित सिंह से हुई शुरुआती पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि वह लंबे समय से फर्जी बिलों के सहारे जूतों की खेप रेलवे पार्सल से भेज रहा था। टीम ने उसके गोदाम से कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनके डेटा की फोरेंसिक जांच चल रही है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, बरामद माल एक से अधिक जूता कारोबारियों का है। टीम अब इनके व्यापार से जुड़े लेनदेन, आपूर्ति नेटवर्क और ग्राहकों की सूची खंगाल रही है। कई महीनों से चल रहे इस खेल का पर्दाफाश होने के बाद संबंधित कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। जांच एजेंसियां पूरे रैकेट को बेनकाब करने में जुटी हैं।
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