आगरा। उप कृषि निदेशक मुकेश कुमार ने जनपद आगरा के सभी किसानों और कम्बाइन हार्वेस्टर संचालकों से अपील की है कि शासन के निर्देशों के अनुसार धान की कटाई केवल सुपर एस.एम.एस. युक्त कम्बाइन हार्वेस्टर से ही की जाए।
उन्होंने बताया कि जब तक कम्बाइन मशीन में सुपर एस.एम.एस. (Super Straw Management System) न लगाया गया हो, तब तक किसान वैकल्पिक रूप में स्ट्रारीपर, स्ट्रारेक, बेलर, मल्चर, पैडी स्ट्राचॉपर, श्रबमास्टर, रोटरी स्लेशर या रिवर्सिबल एम.बी. प्लाऊ जैसे फसल अवशेष प्रबंधन उपकरणों का प्रयोग करें।
बिना सुपर एस.एम.एस. के कटाई पर होगी सख्त कार्रवाई
मुकेश कुमार ने स्पष्ट किया कि कम्बाइन हार्वेस्टर संचालक की यह जिम्मेदारी होगी कि वह फसल कटाई के दौरान उपरोक्त उपकरणों का अनिवार्य रूप से प्रयोग करे।
यदि कोई संचालक बिना सुपर एस.एम.एस. या वैकल्पिक यंत्रों के धान की कटाई करते हुए पकड़ा गया तो उसकी कम्बाइन मशीन जब्त कर ली जाएगी।
फसल अवशेष जलाने पर जुर्माना और एफआईआर
उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की कि वे धान की फसल के अवशेष (पराली) को न जलाएं। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से न केवल मृदा की उर्वरा शक्ति घटती है बल्कि मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी गांव में फसल अवशेष जलाने की घटना पाई जाती है तो संबंधित किसान से दंडात्मक वसूली की जाएगी। साथ ही उस गांव के ग्राम प्रधान, लेखपाल और पंचायत स्तरीय अधिकारी भी उत्तरदायी माने जाएंगे।
सैटेलाइट से होगी निगरानी
कृषि विभाग ने बताया कि फसल अवशेष जलाने की घटनाएं अब सैटेलाइट के माध्यम से स्वतः दर्ज हो जाती हैं। ऐसे मामलों में एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के नियमों के तहत जुर्माना लगाया जाएगा:
2 एकड़ से कम क्षेत्र: ₹2,500
2 से 5 एकड़ क्षेत्र: ₹5,000
5 एकड़ से अधिक क्षेत्र: ₹15,000
साथ ही संबंधित किसान पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
मुकेश कुमार ने किसानों से आग्रह किया कि वे फसल अवशेष जलाने से बचें, मृदा स्वास्थ्य को सुरक्षित रखें और सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आधुनिक यंत्रों का प्रयोग कर स्वच्छ और टिकाऊ कृषि की दिशा में सहयोग करें।
— रिपोर्ट: शीतल सिंह माया
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