आगरा। 20 अक्टूबर की रात, दिवाली के मौके पर शहर में भारी आतिशबाजी के कारण वायु गुणवत्ता एक बार फिर चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई। शहरवासियों द्वारा छोड़े गए पटाखों से हवा में प्रदूषण का स्तर सामान्य से लगभग चार गुना बढ़कर AQI 190 के आसपास पहुँच गया। हालांकि तेज हवा के कारण प्रदूषण और अधिक बढ़ नहीं पाया, जिससे हालात पिछले वर्षों की तुलना में थोड़े बेहतर रहे।
विशेष रूप से हरीपर्वत, कमला नगर और आवास विकास कॉलोनी में हवा अत्यधिक प्रदूषित हुई। रात्रि के शुरुआती घंटों में AQI 170–190 के बीच रहा, लेकिन शाम सात बजे के आसपास हवा की गति बढ़ने से यह मध्यम स्तर AQI 84 तक गिर गया। रात आठ बजे के बाद जैसे-जैसे आतिशबाजी की गति बढ़ी, AQI फिर 150 से ऊपर चला गया और आधी रात के बाद 190 को पार कर गया।
विशेषज्ञों ने बताया कि आतिशबाजी से बढ़ने वाले PM2.5 और PM10 कण हवा के प्रवाह से तेजी से फैल गए, जिससे उनका जमाव नहीं हुआ। इस बार शहर में आतिशबाजी का स्तर अपेक्षित से कम और मौसम अनुकूल रहा, जिससे वायु गुणवत्ता पर बुरा असर कम हुआ।
हालाँकि प्रदूषण के कारण कई लोगों को आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएँ हुईं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि अगले 24–48 घंटों में घर से बाहर जाने पर मास्क पहनें और विशेष ध्यान बच्चों, वृद्धों और रोगी वर्ग का रखें।
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