शारदा विश्वविद्यालय में पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार IPS का जबर्दस्त प्रेरक उद्बोधन

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शारदा विश्वविद्यालय में पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार IPS का प्रेरक उद्बोधन

छात्रों के दिलों को छू गया भाषण

श्रेष्ठ वक्ता के रूप में पहचान

डॉ. भानु प्रताप सिंह
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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat

पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार (IPS) न केवल एक अनुशासित पुलिस अधिकारी हैं, बल्कि श्रेष्ठ वक्ता भी हैं। यह उन्होंने Sharda University के दीक्षारंभ 2K25 (Commencement) समारोह में सिद्ध किया। उनका भाषण इतना प्रभावशाली रहा कि श्रोताओं के मुंह खुले रह गए

शिक्षा का असली उद्देश्य

सैकड़ों छात्रों को संबोधित करते हुए श्री दीपक कुमार ने कहा — “यदि आप प्रसन्न हैं, तो आप शिक्षित हैं।”
उन्होंने समझाया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री पाना नहीं, बल्कि आत्मिक प्रकाश की ओर बढ़ना है।

“असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्मा अमृतं गमय ।”


(अर्थ: हमें असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर और मृत्यु से अमरत्व की ओर ले चलो।)

“विद्या ददाति विनयं, विनयाद्याति पात्रताम् । पात्रत्वात् धनमाप्नोति, धनात् धर्मं ततः सुखम् ॥”


(अर्थ: विद्या से विनय, विनय से पात्रता, पात्रता से धन, धन से धर्म और धर्म से सुख की प्राप्ति होती है।)

भारत का शताब्दी वर्ष और तकनीकी शक्ति

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि वर्ष 2047 में भारत अपनी आज़ादी के 100 वर्ष पूरे करेगा और तब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति होगा।
उनका स्पष्ट संदेश — “तकनीक (Technology) में आगे रहने वाला ही देश दुनिया पर नेतृत्व करेगा।”

इतिहास का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि यूनाइटेड किंगडम (UK) का साम्राज्य उसकी तकनीकी बढ़त के कारण फैला।

तकनीकी क्रांतियाँ और विश्व शक्ति संतुलन

  • 1957 में सोवियत संघ (USSR) ने पहला यान अंतरिक्ष में भेजा।
  • 12 वर्ष बाद अमेरिका (USA) ने चांद पर पहला यान भेजा।
  • अगले 20 वर्षों में अमेरिका ने चांद पर इंसान उतार दिया।
  • तकनीक के बल पर अमेरिका ने कुवैत पर विजय प्राप्त की और अंततः सोवियत संघ का विघटन हुआ।

उन्होंने जोर देकर कहा — “Technology ने ही अमेरिका को विश्व शक्ति बनाए रखा, और अब Artificial Intelligence (AI) का युग है।”

21वीं सदी भारत और चीन की

उन्होंने कहा — “19वीं सदी UK की थी, 20वीं सदी USA की थी और 21वीं सदी भारत तथा चीन की होगी।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” को उद्धृत करते हुए बताया कि यही भारत की वास्तविक दृष्टि है।

स्वावलंबी भारत का संकल्प

उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा —

1) हमें Apple जैसी मोबाइल कंपनियों की तरह तकनीकी उत्पादन अपने देश में करना है।
2) दवा निर्माण (Pharmaceuticals) में विश्व नेतृत्व करना है।
3) यह दृढ़ निश्चय करना होगा कि Technology में आगे बढ़ने से कोई हमें रोक न पाए।

संपादकीय: एक दूरदर्शी पुलिस कमिश्नर

शारदा यूनिवर्सिटी के विद्यारंभ समारोह में पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार (IPS) का भाषण केवल छात्रों के लिए मार्गदर्शन नहीं था, बल्कि यह भारत के भविष्य का रोडमैप भी था। इतिहास के उदाहरणों से वर्तमान और भविष्य की दिशा दिखाना उनकी दूरदर्शिता का प्रमाण है।

एक ओर उन्होंने शिक्षा का आध्यात्मिक महत्व बताया, तो दूसरी ओर तकनीकी आत्मनिर्भरता पर बल देकर राष्ट्र की प्रगति का संकल्प दोहराया। ऐसा प्रेरक और बौद्धिक भाषण देने के लिए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार (IPS) प्रशंसा और सराहना के पात्र हैं।

“प्रसन्नता ही शिक्षित होने का पहला संकेत है — चलो अंधकार से प्रकाश की ओर।”
Dr. Bhanu Pratap Singh