आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र के जरिए विश्वविद्यालय डिग्री हासिल करने और उसके आधार पर सरकारी टेंडर लेने के आरोप में बड़ा मामला दर्ज हुआ है। थाना हरिपर्वत पुलिस ने शोभिक गोयल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(2), 336(3) और 340(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हाईस्कूल और इंटर में फेल, फिर भी डिग्री
शिकायतकर्ता मोहित उपाध्याय के मुताबिक, आरोपी शोभिक गोयल ने वर्ष 2004 में सीबीएसई बोर्ड से हाई स्कूल और 2006 में इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी, लेकिन दोनों में असफल रहा। इसके बावजूद उसने कूटरचित यानी फर्जी अंकतालिकाएं तैयार कर डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में बी.कॉम में प्रवेश लिया और 2009 में स्नातक की डिग्री हासिल की। बाद में उसने एम.कॉम में दाखिला लेकर 2011 में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त कर ली।
फर्जी डिग्री के आधार पर सरकारी टेंडर और लाभ
वादी का आरोप है कि आरोपी ने न केवल इन जाली डिग्रियों का उपयोग सरकारी संस्थानों को गुमराह करने में किया, बल्कि कई सरकारी टेंडरों में स्वयं को पोस्ट ग्रेजुएट दिखाकर झूठा हलफनामा भी दिया। टेंडर के लिए जरूरी चरित्र प्रमाण पत्र में खुद को ग्रेजुएट दिखाकर अनुचित तरीके से ये प्रमाण पत्र जारी कराए गए। इन्हीं के आधार पर आरोपी ने प्रदेश सरकार के कई सौ करोड़ रुपये के टेंडर हासिल किए। वादी का कहना है कि इन प्रमाण पत्रों की जांच कर उन्हें तुरंत निरस्त किया जाना चाहिए।
पहले अनदेखी, फिर न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज
मोहित उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने 9 मई 2025 को पंजीकृत डाक से पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट आगरा को तहरीर भेजी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा और न्यायालय के आदेश पर 6 अगस्त 2025 को एफआईआर दर्ज की गई
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