भारतीय इतिहास संकलन समिति बृज प्रांत की बैठक में बनी रणनीति
प्रत्येक 12 वर्ष बाद हर जिले का इतिहास लिखने का काम शुरू किया
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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat. भारतीय इतिहास संकलन समिति बृज प्रांत की बैठक सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कमला नगर में हुई। बैठक में बताया गया कि भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर) के सहयोग से 5000 वर्षों का इतिहास तैयार कर रहे हैं। है। प्रत्येक 12 वर्ष बाद हर जिले का इतिहास लिखने का काम शुरू किया गया है। बैठक में 12 जिलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री संजय मिश्रा ने बताया कि भारत के नागरिकों को अपने देश के प्रति गर्व होना चाहिए। यह सोच गलत है कि हम बाहर से आए। हम लुटेरे नहीं हैं। हम यहीं के निवासी हैं। हमारे पूर्वज विश्व का चिंतन करने वाले थे। आम आदमी यहां तक कि रिक्शा चलाने वाले को भी अपने इतिहास पर गर्व हो। हमारे ऋषि मुनि पुराणों में यह बात कह गए हैं लेकिन समय के साथ उनका अनर्थ हो गया है। इसकी फिर से व्याख्या करने की आवश्यकता है। कुछ न जानने के कारण हम ऋषि मुनियों को गालियां देने लगे। विश्वविद्यालय स्तर पर यह काम करना है।
श्री संजय मिश्रा ने बताया कि इतिहास प्रबोधन की दृष्टि से गांव स्तर पर भी जाएंगे। सामान्य व्यक्ति को इतिहास स्तर पर बोध कराया जाएगा। हमारे पूर्वज वनवासी थे, इसलिए जनजातीय इतिहास पर काम करना है। इतिहास में हम जहां जीते, वह नहीं पढ़ाया जाता है। जहां हारे, वही पढ़ाया जाता है। हम भले ही इतिहास के विद्यार्थी न हों, लेकिन भारतीय नागरिक होने के नाते इतिहास के बारे में जानकारी होनी चाहिए।
उन्होंने निर्देशित किया कि जिला स्तर पर इतिहास में रुचि रखने वालों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं। तीन साल में हर गांव में सर्वेक्षण हो। इसमें लोकोक्तिया, जनश्रुतियां, गांव के नाम का अर्थ, ऐतिहासिक घटनाएं, फोटो, मूर्तियां, मंदिर, वनस्पतियां की जानकारी संग्रह करें। अलमारी बनाएं, जिसमें जिले के इतिहास संबंधी पुस्तक की जानकारी, कविता आदि हो। यह वाचनालय कहलाएगा। बरेली, अलीगढ़ और कासगंज को भी सेंटर बनाकर काम करने का निर्देश दिया।
माह में एक बार इतिहास दिवस मनाया जाए। इसमें शोध पत्रों का वाचन हो और स्थानीय इतिहास पर चर्चा की जाए। जिले की लेखन टोली बनाई जाए जो इतिहास लिखने का काम करे। इतिहास ज्ञान प्रतियोगिता कराई जाए। छोटे बच्चों को जाग्रत करने के लिए उनका प्रबोधन हो। छोटे बच्चों से सवाल पूछे जाएं, जैसे राम कितने भाई थे और उन्हें इतिहास की कहानी सुनाएं। साल में एक बार सदस्यता अभियान चलाया गया
आगरा विश्वविद्यालय के पूर्व कार्यवाहक कुलपति, जाने-माने इतिहासवेत्ता और बृज प्रांत अध्यक्ष प्रो. सुगम आनंद ने बताया कि हम इतिहास के प्रति चेतना जाग्रत कर कर रहे हैं। शैक्षिक संस्थानों में इतिहास का अध्यापन कैसे हो, यह प्रणाली विकसित करने में लगे हुए हैं। हमने माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों को बुलाकर भारतीय इतिहास को किस प्रकार पढ़ना चाहिए, क्या समस्याएं हैं और उन्हें कैसे दूर कर सकते हैं, इस प्रकार की पाठशाला चलाई थी जो बहुत लोकप्रिय हुई। प्रयास है कि आगरा आसपास के क्षेत्र में गांव-गांव जाकर काम करें।
संचालन बृज प्रांत के महामंत्री डॉ. तरुण शर्मा ने किया। बैठक में सीए दीपिका मित्तल, डॉ. भानु प्रताप सिंह, सुनील चौधरी, राहुल शर्मा आदि उपस्थित थे।
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