आगरा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा प्रायोरिटी कॉरीडोर में मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही शेष भूमिगत भाग में भी तेज गति के साथ टनल का निर्माण किया जा रहा है। बता दें कि प्रथम कॉरिडोर के शेष सभी स्टेशनों की संरचना का काम पूरा हो गया है।
फिलहाल, शेष भाग में तीन टीबीएम के जरिए टनल का निर्माण किया जा रहा है। इस भाग में दो टीबीएम को आरबीएस रैंप एरिया में स्थित लॉन्चिन शाफ्ट से अप एवं डाउन लाइन में लॉन्च किया गया है। ये दोनों टीबीएम आरबीएस रैंप एरिया से आगरा कॉलेज मेट्रो स्टेशन तक का निर्माण करेंगी। इन्हें आगरा कॉलेज रेट्रिवल शाफ्ट से रिट्रीव किया जाएगा। वहीं, आगरा कॉलेज से मनकामःश्वर मेट्रो स्टेशन के टनल निर्माण के लिए दो टीबीएम टनल का निर्माण करेंगी। फिलहाल इस भाग में भी एक टीवीएम को आगरा कॉलेज से मनकामःश्वर मेट्रो स्टेशन की दिशा में टनल निर्माण हेतु लॉन्च किया गया है।
ऐसे होता है टनल का निर्माण
टीबीएम द्वारा भूमिगत मेट्रो टनल निर्माण को मुख्य तौर पर तीन चरणों में विभाजित किया जाता है। इस प्रक्रिया में प्रथम चरण इनीशीयल (प्राथमिक) ड्राइव होता है, जिसमें टीबीएम द्वारा लॉन्चिंग शाफ्ट (मशीन को लॉन्च करने की जगह) से टनल की खोदाई का काम शुरू किया जाता है। इस चरण में शुरुआती/अस्थाई रिंग्स को मैनुअल तरीके से लगाया जाता है, इस दौरान मशीन में लगे थ्रस्ट जैक इन अस्थाई रिंग सेग्मेन्ट्स की मदद से टीबीएम को आगे बढ़ाते हैं। इसके बाद टीबीएम मेन ड्राइव में पहुंचती है, जिसमें टीबीएम खोदाई के साथ ही स्थाई रिंग सेगमेन्ट्स लगाते हुए टनल का निर्माण करती है। इसके बाद टीबीएम मशीन दूसरे छोर पर ब्रेकथ्रू करते हुए बाहर आती है।
टनल बोरिंग मशीन विभिन्न हिस्सों में विभाजित होती है। टीबीएम के सबसे अग्रिम भाग फ्रंट शील्ड में कटिंग हैड होता है, जिसकी मदद टीबीएम मिट्टी को काटते हुए सुरंग की खोदाई करती है। कटिंग हैड में एक विशेष किस्म के केमिकल के छिड़काव की भी व्यवस्था होती है, जो कि कटिंग हेड पर लगे नॉज़ल के द्वारा मिट्टी पर छिड़का जाता है। इस केमिकल की वजह से मिट्टी कटर हैड पर नहीं चिपकती और आसानी से मशीन में लगी कनवेयर बेल्ट की मदद से मशीन के पिछले हिस्से में चली जाती है, जहां से ट्रॉली के जरिए मिट्टी को टनल से बाहर लाकर डम्पिंग एरिए में भेज दिया जाता है।
इसके साथ ही मशीन के पिछले हिस्से में प्रीकास्ट रिंग सेगमेंट को लॉन्च करने की व्यवस्था भी होती है। टनल निर्माण के दौरान रिंग सेगमेंट लगाने के बाद टीबीएम द्वारा ही रिंग सेगमेंट एवं मिट्टी के बीच में ग्राउटिंग स़ोल्यूशन भर दिया जाता है, जो कि रिंग सेगमेंट्स और मिट्टी के बीट मजबूत जोड़ स्थापित कर टनल को मजबूती प्रदान करता है। टीबीएम के मिड शील्ड में लगे थ्रस्टर्स मशीन को आगे बढ़ने में मदद करते हैं।
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