‘एक देश-एक चुनाव’ यानी ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ पर विचार करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनाई गई उच्चस्तरीय समिति ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सभी पक्षों से विस्तृत बातचीत करने के बाद 191 दिनों में यह रिपोर्ट तैयार की गई है, जो क़रीब 18 हज़ार पन्नों की है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस समिति ने लोकसभा के साथ ही विधानसभा का चुनाव संभव बनाने के लिए सुझाव दिया है कि सभी राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल अगले लोकसभा चुनाव तक ही सीमित किया जाए.
समिति ने कहा है कि एक साथ चुनाव कराने से पारदर्शिता और समावेशन तो बढ़ेगा ही, इससे मतदाताओं को सुविधा होगी और चुनाव में उनका भरोसा बढ़ेगा.
समिति ने एक साथ चुनाव करवाने के लिए उपकरणों, कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के पूर्व प्रबंधन पर ज़ोर दिया है.
समिति ने अपनी रिपोर्ट जब राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपी, तब अध्यक्ष रामनाथ कोविंद के साथ इसके सदस्य केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद, जाने माने संविधान विशेषज्ञ सुभाष काश्यप, वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह और पूर्व सीवीसी संजय कोठारी भी मौजूद थे.
‘एक देश एक चुनाव’ पर विचार करने के लिए पिछले साल 2 सितंबर को इस समिति को बनाया गया था.
-एजेंसी
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