सिलचर। असम में काबुल खान, मिठू हुसैन लस्कर, नासिर हुसैन लस्कर और रिपन को सिलचर में विनाशकारी बाढ़ के कारण बराक नदी के तटबंध को नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
असम इन दिनों बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहा है. करीब 14 लाख लोग इसकी वजह से प्रभावित हुए हैं. 162 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच असम के कछार जिले में बराक नदी का तटबंध तोड़ने की साजिश में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसी वजह से सिलचर शहर में बाढ़ आ गई थी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इसे मानव निर्मित आपदा करार दिया था और उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही थी।
कछार की पुलिस अधीक्षक रमनदीप कौर ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। हालांकि, घटना में दोनों की भूमिका के बारे में ब्योरा देने से इनकार कर दिया. समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों की पहचान मीठू हुसैन लस्कर और काबुल खान के रूप में हुई है. लस्कर को पुलिस ने शनिवार को और खान को शुक्रवार रात को गिरफ्तार किया.
तटबंध टूटने का वीडियो कथित तौर पर काबुल खान ने फिल्माया था. मुख्यमंत्री ने जब कछार जिले में तटबंध का दौरा किया तो स्थानीय निवासियों को ये वीडियो दिखाया था और लोगों से वीडियो में आ रही आवाज की पहचान की अपील की थी. इसके बाद खान की पहचान हुई. पता चला है कि तटबंध टूटने के पीछे मुख्य रूप से छह लोग जिम्मेदार थे. सीएम सरमा ने बताया कि गुवाहाटी में सीआईडी ने मामला दर्ज कर लिया है. सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जांच का नेतृत्व करेंगे और एक विशेष कार्य बल जांच की निगरानी करेगा.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 24 मई को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. इसमें कहा गया था कि कुछ लोगों ने सिलचर से करीब 3 किलोमीटर दूर बेथुकंडी में बना तटबंध तोड़ दिया है. ये सब बरसाती नाले के जरिए जमा हुए बारिश के पानी को बराक नदी तक जाने के लिए किया गया था. इसके बाद जून में जब भारी मूसलाधार बारिश हुई तो नदी का पानी इसी रास्ते से सिलचर में घुस गया और शहर को चपेट में ले लिया, जिसकी वजह से एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए.
-एजेंसी
- ताजनगरी में सीएम योगी का ‘राधे-राधे’, आगरा को जल्द मिलेगा ‘इंटरनेशनल एयरपोर्ट’, 342 करोड़ की परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास - July 25, 2026
- रिश्तों में ‘आंगन’ बना रहे, दीवार नहीं…रेडियो मधुबन के कार्यक्रम में कवि कुमार ललित ने बिखेरे पारिवारिक मूल्यों के मोती - July 25, 2026
- 200 साल पुरानी परंपरा: भगवान जगन्नाथ मंदिर में देवशयनी एकादशी पर भक्ति की बयार, पांचवीं पीढ़ी संभाल रही सेवा का जिम्मा - July 25, 2026