आगरा में ​मातेश्वरी अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती: शिक्षा और संगठन को मजबूत करने का संकल्प, मेधावी छात्रों का हुआ सम्मान

PRESS RELEASE

आगरा: अहिल्याबाई होलकर शिक्षोदय समिति द्वारा 13 जून 2026 को यूथ हॉस्टल में मातेश्वरी अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और संकल्पों के साथ मनाई गई। इस कार्यक्रम में न केवल मातेश्वरी के आदर्शों को याद किया गया, बल्कि समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक करने और आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी बच्चों को हरसंभव शैक्षिक सहयोग प्रदान करने का भी संकल्प लिया गया।

​शिक्षा ही उन्नति का एकमात्र मार्ग: मुख्य अतिथि

समारोह की मुख्य अतिथि डॉ. प्रियंका धनगर ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की प्रगति का रास्ता शिक्षा से होकर गुजरता है। उन्होंने प्रत्येक परिवार से बच्चों की पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि शिक्षित बेटियां ही परिवार और समाज को नई दिशा दे सकती हैं।

आदर्शों का अनुकरण और मार्गदर्शन

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों ने मातेश्वरी अहिल्याबाई होलकर के सेवा, न्याय और सुशासन के जीवन दर्शन को साझा किया। कार्यक्रम की शुरुआत पद्मावती बघेल द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायी अहिल्याबाई वंदना से हुई। समिति के सदस्यों ने मेधावी विद्यार्थियों को करियर निर्माण और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।

समिति ने यह भी विश्वास दिलाया कि वे भविष्य में भी जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षिक संसाधन उपलब्ध कराने में तत्पर रहेंगे।

महिला सशक्तिकरण और नशा मुक्ति पर बल

समारोह में उपस्थित महिला शक्ति ने समाज में नारी शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिशुपाल बघेल ने समाज में संगठन और समरसता को बढ़ावा देने की बात कही। वहीं, अशोक धनगर के कुशल संचालन में हुए इस कार्यक्रम में युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने और संस्कारों को आत्मसात करने का संदेश दिया गया।

​समिति के प्रमुख संकल्प:

गरीब और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में हरसंभव आर्थिक एवं शैक्षिक मदद।

​युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मेधावी छात्रों को मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराना।

कार्यक्रम को सफल बनाने में रोविन सिंह बघेल, योगेश बघेल, कैलाश बघेल, त्रिदेव होलकर, विनोद धनगर, मनोज बघेल, महेश बघेल, अमर बघेल, महेश धनगर, डॉ. नीलम बघेल और नीतू बघेल सहित समिति के अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

Dr. Bhanu Pratap Singh