3 बार चाय वाले, 27 में गाय वाले’… CM योगी के स्वागत में वाराणसी में लगे पोस्टर, क्या 2027 के ‘मिशन योगी’ की बिछ गई बिसात?

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वाराणसी की गलियों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगामी दौरे को लेकर उत्साह तो है ही, लेकिन इस बार स्वागत के अंदाज ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में लगे नए पोस्टरों और होर्डिंग्स ने एक नई सियासी बहस को जन्म दे दिया है।

इन पोस्टरों पर छपी एक पंक्ति “3 बार चाय वाले, 27 में गाय वाले” सोशल मीडिया से लेकर चौक-चौराहों तक चर्चा का विषय बनी हुई है। इसे आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने वाले एक बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

​इन पोस्टरों को लगाने वाले भाजपा कार्यकर्ता दीपक सिंह राजवीर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें “गौ, गंगा और गायत्री के संरक्षक” की संज्ञा दी है। यह पोस्टर केवल स्वागत की रस्म नहीं, बल्कि भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं के उस संकल्प का आईना है, जो 2027 की चुनावी तैयारी में अभी से जुट गए हैं।

​दीपक सिंह राजवीर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह महज होर्डिंग्स नहीं हैं, बल्कि कार्यकर्ताओं का वह दृढ़ निश्चय है जिसके दम पर भाजपा फिर से सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों में जो सकारात्मक बदलाव आए हैं, वे योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सबसे बड़ी उपलब्धि हैं। कार्यकर्ताओं का यह भरोसा है कि 2027 में जनता फिर से योगी सरकार पर मुहर लगाएगी।

​इस पोस्टरबाजी ने सियासी चर्चाओं को एक नई धार दे दी है। यह वाकया ऐसे समय में सामने आया है जब भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व यूपी की चुनावी तैयारियों को लेकर मंथन में लगा है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन वाराणसी में लगे इन पोस्टरों ने दबी जुबान में चल रही अटकलों को सार्वजनिक मंच दे दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पोस्टर न केवल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति पार्टी की निष्ठा को प्रदर्शित करते हैं, बल्कि चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं की सक्रियता का एक बड़ा संदेश भी हैं।

बहरहाल, वाराणसी के इन पोस्टर्स ने राज्य की राजनीति में नया उबाल ला दिया है और विपक्षी दलों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा अपने इस ‘मिशन 2027’ को किस तरह आगे बढ़ाती है।

Dr. Bhanu Pratap Singh