विश्व संवाद केंद्र के मंच से गूंजा संदेश: राष्ट्र सर्वोपरि, पत्रकारिता बने समाज परिवर्तन का माध्यम

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पत्रकारिता का धर्म निभाने वालों का सम्मान: राष्ट्रहित, सत्य और सामाजिक सरोकारों पर हुआ मंथन

पत्रकार सम्मान समारोह में राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका पर हुआ चिंतन

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आगरा। विश्व संवाद केंद्र द्वारा आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह में राष्ट्रहित, सत्यनिष्ठ पत्रकारिता और मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारियों पर गंभीर मंथन हुआ। समारोह में वक्ताओं ने पत्रकारिता को लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ बताते हुए कहा कि बदलते समय में पत्रकारों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों का सम्मान भी किया गया तथा राष्ट्र निर्माण में मीडिया के योगदान को रेखांकित किया गया।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारम्भ

कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों के आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया गया। समारोह का वातावरण गरिमामय एवं प्रेरणादायी रहा, जिसमें बड़ी संख्या में पत्रकार, बुद्धिजीवी एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

भारतीय पत्रकारिता की आत्मा है राष्ट्रवाद और सत्य : पदम सिंह

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री पदम सिंह जने ने अपने उद्बोधन में भारतीय और विदेशी पत्रकारिता के बीच मूलभूत अंतर को रेखांकित करते हुए कहा कि
भारतीय पत्रकारिता की आत्मा सत्य, राष्ट्रवाद और सामाजिक सरोकारों में निहित है।
उन्होंने कहा कि भारतीय पत्रकारिता ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक समाज को दिशा देने और जनजागरण का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी भारतीय पत्रकारिता ने राष्ट्रहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और समाज को जागरूक करने का कार्य किया। पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने का सशक्त साधन भी है।

मंचासीन है अतिथि।

संघ की सौ वर्षीय यात्रा समर्पण और सेवा का प्रतीक

श्री पदम सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह यात्रा धैर्य, अनुशासन, समर्पण और समाज सेवा की भावना से परिपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि
संघ का शताब्दी वर्ष राष्ट्र के प्रति उसकी अटूट निष्ठा और समाज जीवन में उसके सकारात्मक योगदान का प्रतीक है।

पत्रकारिता व्यवसाय नहीं, राष्ट्र सेवा का माध्यम : अमित पाण्डेय

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री अमित पाण्डेय (नेटवर्क 18) ने कहा कि
पत्रकारिता केवल रोजगार या व्यवसाय नहीं है, बल्कि राष्ट्र सेवा का एक प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पत्रकार को अपने दायित्वों का निर्वहन करते समय
“Nation First” अर्थात राष्ट्र सर्वोपरि की भावना को केंद्र में रखना चाहिए।

उन्होंने निष्पक्ष, तथ्यपरक और उत्तरदायी पत्रकारिता को लोकतंत्र की मजबूती के लिए अनिवार्य बताते हुए कहा कि समाज का विश्वास ही पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि पत्रकार सत्य और तथ्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे तो लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकार हुए सम्मानित

समारोह के दौरान विभिन्न पत्रकारों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पत्रकारिता के उच्च आदर्शों, बदलती मीडिया चुनौतियों और राष्ट्रहित में मीडिया की भूमिका पर सार्थक संवाद हुआ। उपस्थित पत्रकारों और प्रबुद्ध नागरिकों ने भी अपने विचार साझा किए।

डॉ. अशोक रैना की अध्यक्षता में संपन्न हुआ समारोह

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अशोक रैना ने की। सभी आगंतुकों का आभार हेमंत उपाध्याय ने व्यक्त किया। मंच संचालन अशोक चौबे एवं सीए संजीव सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रांत प्रचार प्रमुख कीर्ति जी, सह प्रांत प्रचार प्रमुख मनमोहन निरंकारी, सीए पंकज मिश्रा, विजय गोयल, दिनेश शर्मा, रजत सिंघल, डॉ. राहुल कप्तान, विनीत शर्मा, मनी चड्ढा, अभिषेक फौजदार, राजीव एवं अनुज सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

राष्ट्रगान के साथ हुआ गरिमामय समापन

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने
राष्ट्रहित में सकारात्मक और उत्तरदायी पत्रकारिता के संकल्प को दोहराया तथा पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

संपादकीय: पत्रकारिता के सम्मान का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी

आज के दौर में जब सूचना का प्रवाह अत्यंत तीव्र हो गया है और सोशल मीडिया के कारण तथ्य एवं भ्रम के बीच अंतर करना चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है, ऐसे समय में पत्रकारिता के मूल्यों पर चर्चा और पत्रकारों का सम्मान अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। विश्व संवाद केंद्र द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि पत्रकारिता के मूल उद्देश्य और उसके राष्ट्रीय दायित्वों को स्मरण कराने का एक सार्थक प्रयास था।

पत्रकार समाज और शासन के बीच सेतु का कार्य करता है। वह जनभावनाओं को अभिव्यक्ति देता है, समस्याओं को उजागर करता है और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में समाज को प्रेरित करता है। ऐसे में पत्रकारों का मनोबल बढ़ाने तथा उन्हें उनके दायित्वों की याद दिलाने वाले आयोजन लोकतंत्र को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं।

विश्व संवाद केंद्र ने पत्रकारों को सम्मानित करने के साथ-साथ राष्ट्रहित, सत्यनिष्ठा और उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद का अवसर प्रदान किया। यह पहल न केवल पत्रकारिता जगत के लिए प्रेरणादायी है, बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनसेवा और राष्ट्र निर्माण है।

ऐसे आयोजनों की निरंतरता आवश्यक है ताकि पत्रकारिता के उच्च आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके और समाज में सत्य, निष्पक्षता तथा राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्ध पत्रकारिता को और अधिक बल मिल सके।
इस उत्कृष्ट आयोजन के लिए विश्व संवाद केंद्र निश्चित रूप से बधाई और सराहना का पात्र है।

डॉ भानु प्रताप सिंह, संपादक

Dr. Bhanu Pratap Singh