यूपी चुनाव से पहले पूर्व नौकरशाहों को एक मंच पर लाने की तैयारी, अमिताभ ठाकुर ने शुरू की बड़ी राजनीतिक पहल

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक अनुभव रखने वाले दिग्गजों को सियासत के मैदान में एकजुट करने की कवायद शुरू हो गई है। ‘आज़ाद अधिकार सेना’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने प्रदेश के पूर्व आईएएस, आईपीएस, पीसीएस और अन्य वरिष्ठ लोकसेवकों को एक साझा राजनीतिक मंच पर लाने की अनूठी पहल की है।

प्रशासनिक अनुभव को उत्तर प्रदेश के विकास से जोड़ना उद्देश्य

आज़ाद अधिकार सेना की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस साझा राजनीतिक मंच का मुख्य उद्देश्य इन अनुभवी अधिकारियों के लंबे प्रशासनिक अनुभव और शासन संबंधी विशेषज्ञता को एक जगह एकत्रित करना है, ताकि उसका उपयोग उत्तर प्रदेश के बेहतर और समग्र परिवर्तन के लिए किया जा सके।

​इस पहल के तहत उन पूर्व अधिकारियों से संपर्क साधा जा रहा है जिन्होंने अपने स्वतंत्र राजनीतिक संगठन या मंच बनाए हैं। इनमें प्रमुख रूप से चंद्र भूषण पांडेय, विजय शंकर पांडेय, चंद्रपाल, एस.आर. दारापुरी, सुलखान सिंह, अलंकार अग्निहोत्री और दिव्या मित्तल जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा, कांग्रेस, भाजपा और अन्य स्थापित राजनीतिक दलों में सक्रिय रूप से काम कर रहे पूर्व लोकसेवकों जैसे पी.एल. पुनिया, आलोक रंजन, बृजलाल, असीम अरुण और राजेश्वर सिंह को भी इस प्रस्तावित साझा मंच से जुड़ने का आमंत्रण देने के लिए संपर्क किया जाएगा।

सामूहिक सहमति से तय होगी रूपरेखा

पार्टी के अनुसार, इस समूह का नेतृत्व करने का अनुरोध समूह के सबसे वरिष्ठ सहभागी पूर्व लोकसेवक से किया जाएगा, जबकि अन्य सभी नीतिगत और राजनीतिक निर्णय आपसी विचार-विमर्श और आम सहमति से लिए जाएंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की ओर से संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजने का सिलसिला शुरू हो चुका है और जल्द ही उनसे व्यक्तिगत स्तर पर भी मुलाकात की जाएगी।

फिलहाल यह प्रस्तावित मंच उत्तर प्रदेश की सीमाओं तक ही सीमित रहेगा और इसका तात्कालिक फोकस आगामी विधानसभा चुनाव पर है। इस पहल का मूल मकसद विभिन्न दलों में बिखरे पड़े प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव को एक साझा संसाधन में बदलकर प्रदेश की बेहतरी के लिए उपयोग करना है।

Dr. Bhanu Pratap Singh