वाराणसी: उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) के शिक्षक और स्नातक खंड के चुनाव नतीजों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए बड़ा झटका सामने आया है। वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने अपनी सीट बचाते हुए लगातार दूसरी बार ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 5015 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया।
जीत की आधिकारिक घोषणा होते ही सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने मतगणना केंद्र के बाहर ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर जश्न मनाया, आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर बधाई दी।
द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती के बाद आया अंतिम परिणाम
वाराणसी शिक्षक एमएलसी सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। प्रथम वरीयता के वोटों की गिनती में सपा के लाल बिहारी यादव को 10,958 वोट मिले, जबकि भाजपा के डॉ. प्रमोद मिश्रा को 6,060 वोट प्राप्त हुए। लाल बिहारी यादव महज 514 वोटों के अंतर से प्रथम वरीयता में सीधे जीत के लिए तय कोटा (कुल वैध मतों का 50% यानी 11,472 वोट) हासिल करने से चूक गए थे।
इसके बाद नियमानुसार द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती शुरू की गई। आठ चक्रों की मतगणना के बाद एलिमिनेशन प्रक्रिया के तहत कम वोट पाने वाले अन्य प्रत्याशियों की द्वितीय वरीयता के मत ट्रांसफर किए गए। इसमें सपा प्रत्याशी की झोली में 654 अतिरिक्त मत आए, जिससे उनका कुल आंकड़ा 11,612 पहुंच गया। वहीं, भाजपा के डॉ. प्रमोद मिश्रा को द्वितीय वरीयता में 537 वोट मिले और उनका कुल योग 6,597 मत ही हो सका। निर्दलीय प्रत्याशी चेतनारायण सिंह को कुल 3,471 वोट मिले।
दलबदल भी डॉ. प्रमोद मिश्रा के काम न आया
इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा का दलबदल वाला दांव पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ। वर्ष 2020 के चुनाव में डॉ. मिश्रा ने निर्दलीय शिक्षक नेता के रूप में चुनाव लड़कर 6,830 वोट हासिल किए थे। इस बार चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भाजपा का दामन थामा था। पार्टी को उम्मीद थी कि कैडर वोटों के जुड़ने से जीत पक्की होगी, लेकिन नतीजे इसके उलट रहे। प्रथम वरीयता में उन्हें महज 6,060 वोट ही मिले, यानी वे अपना पिछला व्यक्तिगत वोट बैंक भी नहीं सहेज सके।
स्नातक सीट पर भी सपा ने बनाई बढ़त
शिक्षक सीट जीतने के बाद अब वाराणसी स्नातक एमएलसी सीट के नतीजों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इस सीट पर निवर्तमान सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा और भाजपा के केदार सिंह के बीच सीधा मुकाबला चल रहा है। मतगणना के शुरुआती चक्रों के रुझानों में सपा के आशुतोष सिन्हा ने बढ़त बनाई हुई है, जिससे सपा खेमे में उत्साह है तो वहीं भाजपा पदाधिकारियों में मायूसी देखी जा रही है।
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