दीपावली और छठ पर योगी सरकार का बड़ा तोहफा: यूपी में 6 से 17 नवंबर तक चलेंगी अतिरिक्त बसें, चालकों-कर्मचारियों को मिलेगा विशेष बोनस

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लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार ने आगामी दीपावली और छठ पूजा के पावन अवसरों पर प्रदेशवासियों एवं अन्य राज्यों से लौटने वाले यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए व्यापक परिवहन योजना तैयार की है। त्यौहारों के समय अपने घर जाने वाले आम नागरिकों को बसों की कमी या परिवहन संबंधी किसी परेशानी से न जूझना पड़े, इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) बड़े पैमाने पर अतिरिक्त बसों का बेड़ा सड़कों पर उतारेगा। शासन द्वारा 6 नवंबर से लेकर 17 नवंबर की अवधि तक अधिक से अधिक बसों के निरंतर संचालन के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और देश के अन्य महानगरों से पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) का रुख करने वाले यात्रियों के लिए बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे।

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार का पूरा ध्यान त्यौहारों की अवधि के दौरान सभी नागरिकों को सुरक्षित, सहज और बाधारहित यात्रा की सुविधा प्रदान करने पर केंद्रित है। छठ पर्व के समय पूर्वांचल मूल के लाखों लोग दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और अन्य औद्योगिक शहरों से अपने पैतृक गांवों व शहरों की ओर प्रस्थान करते हैं। यात्रियों के इस भारी दबाव का अग्रिम आकलन करते हुए रोडवेज़ प्रबंधन ने मुस्तैदी से अपनी तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।

प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने विभागीय अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि दिल्ली से पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख रूटों पर पर्याप्त संख्या में बसें सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ-साथ प्रांतीय राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर के लिए भी अतिरिक्त गाड़ियों का प्रबंध किया जाए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली व गाजियाबाद से पूर्वांचल की ओर जाने वाले यात्रियों की अप्रत्याशित भीड़ को देखते हुए मांग के अनुसार तुरंत बसें रवाना की जाएंगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी भी मार्ग पर 60 प्रतिशत से अधिक सवारी उपलब्ध मिलती है, तो अविलंब वहां से अतिरिक्त बस सेवा की शुरुआत की जाए।

​दिल्ली से गोरखपुर, वाराणसी और अयोध्या के रूटों पर बढ़ेंगी बसें

​पर्वों के दौरान यात्रियों की सुगमता को ध्यान में रखते हुए दिल्ली से लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, अयोध्या और कानपुर के रूटों पर बसों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की जाएगी। इसके अतिरिक्त गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, बरेली, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़ और इटावा जैसे व्यस्त संभागीय क्षेत्रों के लिए भी अतिरिक्त बसें शेड्यूल की जाएंगी। क्षेत्र के सहायक और क्षेत्रीय प्रबंधकों को यह अधिकार दिया गया है कि वे यात्रियों की तात्कालिक मांग के अनुसार बसों की संख्या में फेरबदल (बढ़ा या घटा) कर सकते हैं। भैयादूज के पर्व पर स्थानीय और अंतर-जिले मार्गों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए क्षेत्रीय अमले को विशेष मुस्तैदी बरतने को कहा गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर आवागमन करने वाले लोगों को भी कोई असुविधा न हो।

डिपो की सभी बसें सड़कों पर उतारने के सख्त निर्देश

​परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया है कि घोषित प्रोत्साहन अवधि के दौरान निगम के बेड़े की शत-प्रतिशत बसों को क्रियाशील स्थिति में सड़क पर उतारा जाए। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वाहनों की ओवरहाॅलिंग, जरूरी स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता तथा अन्य तकनीकी संसाधनों का प्रबंध समय रहते पूरा करने की ताकीद की गई है। उन्होंने दो टूक कहा है कि किसी भी सूरत में अनफिट या तकनीकी रूप से अक्षम बसों को रूट पर नहीं भेजा जाएगा। निगम से अनुबंधित प्राइवेट बस स्वामियों को भी अग्रिम सूचना देकर वाहनों की आवश्यक मरम्मत कराने और उन्हें संचालन हेतु तैयार रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इस विशेष प्रोत्साहन अवधि के दौरान अत्यावश्यक परिस्थितियों को छोड़कर अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों के आवेदनों को अस्वीकार कर दिया गया है। सभी कर्मियों की तैनाती रोस्टर व्यवस्था के तहत की जाएगी।

चालकों और परिचालकों को प्रतिदिन 400 रुपये प्रोत्साहन भत्ता

​त्यौहारों के दौरान बेहतर परिवहन सेवाएं देने के लिए परिवहन निगम ने बस चालकों और परिचालकों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन की घोषणा की है। यूपीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह के अनुसार, संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों सहित सभी पात्र चालक-परिचालकों को तय मानक पूर्ण करने पर 400 रुपये प्रतिदिन की दर से इंसेंटिव मिलेगा। इस प्रोत्साहन राशि को पाने के लिए योजना अवधि के दौरान कम से कम 11 दिनों की उपस्थिति तथा प्रतिदिन औसतन 300 किलोमीटर बस संचालन का लक्ष्य प्राप्त करना अनिवार्य होगा। 11 दिनों तक निर्धारित मानक पूरा करने वाले कर्मचारियों को एकमुश्त 4,400 रुपये की धनराशि दी जाएगी। वहीं, पूरे 12 दिनों तक निरंतर सेवा देने और किलोमीटर का लक्ष्य हासिल करने वाले कर्मियों को कुल 4,800 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

​संविदा तथा बाह्य स्रोतों (आउटसोर्स) से जुड़े ऐसे चालक-परिचालक जो निर्धारित मानक से अधिक दूरी तक बस का संचालन करेंगे, उन्हें तय सीमा से अधिक तय की गई दूरी पर 55 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से अलग से अतिरिक्त भुगतान भी प्राप्त होगा।

​इलेक्ट्रिक बस चलाने वाले चालकों को मिलेगा अतिरिक्त वित्तीय लाभ

​परिवहन निगम अपनी पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े के अधिकतम उपयोग को भी बढ़ावा दे रहा है। इस प्रोत्साहन अवधि में यदि नियमित अथवा संविदा पर कार्यरत चालक कम से कम 11 दिन तक इलेक्ट्रिक बस का संचालन करते हैं और कुल 3,300 किलोमीटर की दूरी तय कर लेते हैं, तो उन्हें सामान्य इंसेंटिव के अतिरिक्त लगभग 1,000 रुपये का विशेष अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा।

​डिपो कार्यशाला कर्मचारियों के लिए भी बोनस का ऐलान

बसों की यांत्रिक स्थिति को दुरुस्त रखकर उन्हें सुरक्षित रूप से सड़कों पर उतारने में डिपो और वर्कशॉप कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। इसको ध्यान में रखते हुए निगम ने डिपो एवं रीजनल कार्यशालाओं में तैनात तकनीकी कर्मचारियों के लिए भी विशेष इंसेंटिव की घोषणा की है। प्रोत्साहन अवधि के दौरान लगातार 12 दिन ड्यूटी निभाने वाले योग्य कर्मियों को 2,500 रुपये तथा 11 दिन सेवा देने वाले कर्मचारियों को 2,100 रुपये एकमुश्त प्रदान किए जाएंगे। इस योजना में आउटसोर्सिंग के जरिए सीधे निगम से जुड़े कर्मचारी भी लाभान्वित होंगे। इसके अलावा, क्षेत्रीय प्रबंधकों को 10 हजार रुपये और सेवा प्रबंधकों को 5 हजार रुपये का विशेष फंड आवंटित किया जाएगा, जिसका वितरण क्षेत्रीय कमेटी की सिफारिश पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के बीच प्रोत्साहन स्वरूप किया जाएगा।

​सुरक्षित सफर के लिए ब्रेथ एनालाइजर से होगी जांच

​यात्रियों के सुरक्षित सफर को सुनिश्चित करने के लिए परिवहन मंत्री ने प्रवर्तन दस्तों (एन्फोर्समेंट टीमों) को 24 घंटे मुस्तैद रहने का हुक्म दिया है। बस डिपो से प्रस्थान करने से पूर्व सभी चालकों व परिचालकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किया जाएगा, ताकि नशे की हालत में कोई भी व्यक्ति गाड़ी न चला सके। क्षेत्रीय स्तर पर गठित जांच टीमों को मार्गों पर भी लगातार औचक निरीक्षण करने को कहा गया है।

​निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह ने आश्वस्त किया है कि शासन व परिवहन मंत्री से प्राप्त सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इस संबंध में प्रदेश के सभी क्षेत्रीय तथा सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को दिशा-निर्देश प्रेषित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही समस्त बस स्टेशनों और बसों में साफ-सफाई व जनसुविधाओं का स्तर पूरी तरह दुरुस्त रखने की सख्त हिदायत दी गई है।

Dr. Bhanu Pratap Singh