रामपुर: जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच का दायरा और अधिक तेज कर दिया है। इसी कड़ी में मंगलवार को ईडी की चार सदस्यीय विशेष टीम रामपुर जिला कारागार पहुंची, जहां वर्तमान में बंद उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जौहर ट्रस्ट मामले को लेकर लंबी और गहन पूछताछ की गई। जांच एजेंसी द्वारा पूर्व में दिए गए आजम खान के बयानों का सत्यापन किया जा रहा है और ट्रस्ट के खातों से जुड़े विभिन्न वित्तीय पहलुओं पर उनसे तीखे सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।
11 फर्मों से मिले चंदे और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल
Ed की जांच का मुख्य केंद्र जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी को मिले करोड़ों रुपये का चंदा है। जांच एजेंसी उन 11 फर्मों के जरिए आए पैसों का हिसाब जुटा रही है, जिनके माध्यम से यूनिवर्सिटी को रकम मिलने की बात सामने आई है। ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चंदे का पैसा कहां से आया और किन रास्तों से ट्रस्ट तथा यूनिवर्सिटी तक पहुंचा।
इसके लिए संबंधित कंपनियों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। सरकारी ठेकों से मिले पैसों को कथित तौर पर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी तक पहुंचाने के आरोपों की भी पड़ताल हो रही है।
अब्दुल्ला आजम और अन्य करीबियों से भी होगी पूछताछ
जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम से भी पूछताछ की जानी ,है। जांच एजेंसी ट्रस्ट के लिए गए फैसलों में आजम खान की भूमिका और यूनिवर्सिटी के निर्माण पर खर्च की गई रकम से जुड़े सवाल पूछ सकती है। सरकारी विभागों के बजट से निर्माण कराने, फर्जी दानदाताओं और डमी ट्रस्टियों से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ बुधवार तक चल सकती है। हालांकि, पूछताछ की अवधि और उससे जुड़े सवालों को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
सपा विधायक और CA से भी पूछताछ
इस मामले में सपा विधायक नसीर अहमद खान से करीब सात घंटे तक पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई थी। जौहर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर जहीरुद्दीन, आजम खान के चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक गोयल और ठेकेदार सलीम से भी पूछताछ हो चुकी है। सलीम से ईडी दो बार सवाल-जवाब कर चुकी है और उन्हें फिर बुलाया गया है। आजम खान के करीबी अनवर को भी 14 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की संभावना जताई गई है। जांच एजेंसी संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।
अगस्त में हुई थी 10 ठिकानों पर छापेमारी
उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 19 अगस्त 2026 को रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में जौहर ट्रस्ट, जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खान से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद से वित्तीय लेन-देन और चंदे से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जौहर ट्रस्ट ही मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन करता है। आजम खान इस यूनिवर्सिटी के संस्थापक हैं।
हज समिति की जमीन बेचने के मामले में भी नया केस
आजम खान के खिलाफ एक अन्य मामले में भी एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति की जमीन बेचने में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। विजिलेंस ने हज समिति के तत्कालीन अध्यक्ष आजम खान और दो पूर्व सचिवों समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
राज्य विजिलेंस विभाग की जांच में करीब 2.08 करोड़ रुपये के भारी-भरकम राजस्व नुकसान की बात सामने आई है, जिसके आधार पर हज समिति के तत्कालीन अध्यक्ष आजम खान और दो पूर्व सचिवों सहित कुल पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल, जौहर ट्रस्ट मामले में ईडी की लगातार पूछताछ और हज समिति की जमीन से जुड़े केस में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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