चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को बाढ़ प्रभावित चित्रकूट जनपद के दौरे पर रहे, जहां उन्होंने संकट की इस घड़ी में 800 बाढ़ पीड़ित परिवारों को अपने हाथों से राहत सामग्री वितरित की। राहत वितरण से पूर्व मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर जमीनी हालात का जायजा लिया। इस दौरान पीड़ित जनता को ढांढस बंधाते हुए सीएम योगी ने कहा, “मैं आपदा की इस इस विकट घड़ी में आप सभी को आश्वस्त करने आया हूं कि आप अकेले नहीं हैं, बल्कि ‘डबल इंजन’ की यह सरकार पूरी मजबूती और संवेदनशीलता के साथ आपके साथ खड़ी है।”
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि परिवार हों, व्यापारी वर्ग हो, या फिर मठ-मंदिर और घाट— बाढ़ की वजह से जहां कहीं भी नुकसान हुआ है, सरकार वहां हर संभव आर्थिक सहयोग और सहायता सुनिश्चित करेगी।
नुकसान की भरपाई और नए आवास की घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ या अग्निकांड जैसी आपदाओं में यदि किसी गरीब का घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो उसे बिना किसी देरी के तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही, ऐसे प्रभावित परिवारों को ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ अथवा ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ के अंतर्गत नया पक्का मकान और जमीन का कानूनी पट्टा प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए।
अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक और कड़े निर्देश
राहत सामग्री बांटने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में जिला प्रशासन और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वर्तमान में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित नागरिकों के लिए की गई प्रशासनिक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि प्रत्येक पीड़ित व्यक्ति तक त्वरित गति से हरसंभव मदद पहुंचाई जानी चाहिए।
बैठक में सीएम योगी ने चित्रकूट धाम के प्रभावित व्यापारियों तथा बाढ़ की चपेट में आए मठ-मंदिरों को हुए नुकसान का सटीक आकलन करने और तदनुसार आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, बाढ़ पीड़ितों के बीच ‘राहत किट’ का वितरण अगले 48 घंटों के भीतर हर हाल में पूरा करने को कहा गया। साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए गए।
मंदाकिनी नदी पर विशेष नजर और अतिक्रमण हटाने के आदेश
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यावरण और जल संरक्षण को लेकर भी कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्र) में किए गए अवैध अतिक्रमण को चिन्हित कर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए हटाने के आदेश दिए। इसके अतिरिक्त, नदी पर बने फुट ओवर ब्रिज का तत्काल ‘सेफ्टी ऑडिट’ कराने के भी निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
- आगरा में इप्टा का मार्मिक नाटक ‘रामी’ मंचित: औद्योगीकरण और शहरीकरण की दौड़ के बीच पर्यावरण संरक्षण का दिया गया सशक्त संदेश - September 7, 2026
- आगरा के कछपुरा में मंदिर में मूर्तियों से कथित छेड़छाड़ पर हंगामा: हनुमान प्रतिमा के साथ आपत्तिजनक हरकत और शिव परिवार की मूर्तियां हटाने का आरोप, दो गिरफ्तार - September 7, 2026
- Romantic Song ‘Pankhida’ Released from Malhar Thakar & Puja Joshi Starrer Movie ‘Chatni’ - September 7, 2026