वाराणसी/गोरखपुर: उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनावों की मतगणना के अंतिम पड़ाव में वाराणसी और गोरखपुर की हाई-प्रोफाइल सीटों पर जबरदस्त सियासी और प्रशासनिक ड्रामा देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में समाजवादी पार्टी (सपा) ने सत्ताधारी भाजपा को बड़ा झटका दिया है। एक ओर जहां वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने दोबारा जीत दर्ज की है, वहीं वाराणसी स्नातक सीट पर सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा 10 हजार से अधिक मतों की निर्णायक बढ़त बनाए हुए हैं।
हालांकि, मतगणना के दौरान हुए भारी हंगामे और आपत्तियों के बाद वाराणसी में 5वें चक्र (राउंड) के मतों की दोबारा गिनती (री-काउंटिंग) कराई जा रही है।
वाराणसी में हाई-वोल्टेज ड्रामा: धरना, आरोप और दोबारा गिनती
वाराणसी स्नातक सीट की मतगणना के दौरान बुधवार शाम करीब 7:20 बजे उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब भाजपा उम्मीदवार केदारनाथ सिंह मतगणना स्थल पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने चुनाव प्रेक्षक (ऑब्जर्वर) प्रांजल यादव और प्रशासनिक अमले पर गंभीर धांधली कराने के आरोप लगाए।
आपत्तियों के बाद अधिकारियों ने करीब एक घंटे तक मतगणना रोककर सभी प्रत्याशियों से वार्ता की और 5वें चरण के मतों की दोबारा गिनती शुरू करवाई। घटना की भनक लगते ही हजारों सपा कार्यकर्ता और नेता मतगणना स्थल के बाहर जुटने लगे और नारेबाजी शुरू कर दी।
इससे पहले घोषित वाराणसी शिक्षक सीट के नतीजों में सपा के लाल बिहारी यादव ने भाजपा के डॉ. प्रमोद मिश्रा को 5,025 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी। गौरतलब है कि वर्ष 2020 के चुनाव में लाल बिहारी यादव की जीत का अंतर महज 936 वोटों का था, जिसे उन्होंने इस बार कई गुना बढ़ा लिया है।
गोरखपुर में बेहद कांटे की टक्कर: 307 वोटों से जीते ध्रुव त्रिपाठी, लगे धांधली के आरोप
दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र गोरखपुर में गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा समर्थित प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने बेहद कड़े मुकाबले में जीत हासिल की। प्रथम वरीयता के बाद द्वितीय वरीयता के वोटों की लंबी गिनती के बाद ध्रुव त्रिपाठी ने मात्र 307 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की और लगातार चौथी बार एमएलसी चुने गए।
ध्रुव कुमार त्रिपाठी (BJP): 14,887 वोट
राजीव यादव (निर्दलीय): 14,580 वोट
हार के बाद निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव और उनके समर्थक रो पड़े और मतगणना प्रक्रिया में भारी बेईमानी का आरोप लगाया। राजीव यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा— “मुझे साजिश के तहत जानबूझकर हराया गया है। करीब 1,000 वोटों की चोरी की गई है और हमारे वैध मतों की गिनती में हेरफेर हुई है।” उन्होंने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग और अदालत जाने की बात कही है।
फिलहाल वाराणसी में स्नातक सीट के अंतिम और आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन दोनों ही सीटों पर आए इन सियासी भूचालों ने प्रदेश के राजनीतिक पारे को काफी बढ़ा दिया है।
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