सेहत से खिलवाड़: कड़ाही के दूध को गाढ़ा करने और बचाने के लिए बोरेक्स पाउडर का इस्तेमाल, FSDA की रेड में खुला राज

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आगरा: ताजनगरी आगरा में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने का एक बेहद खतरनाक मामला सामने आया है। सर्दियों के मौसम में कड़ाही वाले दूध की बढ़ती मांग के बीच दूध को जल्द खराब होने से बचाने और उसमें कृत्रिम गाढ़ापन (थियानेस) लाने के लिए जानलेवा कैमिकल ‘बोरेक्स पाउडर’ का इस्तेमाल किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम द्वारा की गई हालिया छापेमारी में छीपीटोला स्थित पुष्पक मिष्ठान भंडार से भारी मात्रा में बोरेक्स पाउडर बरामद होने के बाद शहर के खाद्य सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।

​छीपीटोला में एफएसडीए का छापा, 16.5 किग्रा बोरेक्स बरामद

एफएसडीए की जांच टीम ने छीपीटोला स्थित पुष्पक मिष्ठान भंडार पर अचानक छापेमारी की। इस प्रतिष्ठान पर प्रतिदिन लगभग 200 लीटर दूध की बिक्री होती है। निरीक्षण के दौरान दुकान से साढ़े 16 किलोग्राम बोरेक्स पाउडर बरामद किया गया, जिसका उपयोग कड़ाही के दूध में मिलावट के लिए किया जा रहा था। एफएसडीए की टीम ने मौके से दूध के नमूने लेकर प्रयोगशाला (लैब) में जांच के लिए भेज दिए हैं और दुकान संचालक के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
​25 लाख लीटर दूध की मांग और मिलावट का खेल
​एफएसडीए के आंकड़ों के मुताबिक, आगरा शहर में रोजाना करीब 25 लाख लीटर दूध की आवश्यकता होती है। इसकी आपूर्ति ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ आसपास के जिलों से होती है। शहर में लगभग 350 मिठाई विक्रेता हैं, जिनमें से 200 से अधिक विक्रेता शाम के समय कड़ाही का गर्म दूध बेचते हैं।
​दूध को लंबी दूरी से लाने के दौरान फटने से बचाने और कड़ाही में मलाईदार-गाढ़ा दिखाने के लिए कई दूधिए और मिठाई विक्रेता बेझिझक बोरेक्स जैसे हानिकारक पाउडर का उपयोग कर रहे हैं।
​सेहत के लिए अत्यंत घातक है बोरेक्स वाला दूध
​स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बोरेक्स पाउडर का सेवन इंसानी शरीर, विशेषकर गुर्दे (किडनी), लिवर और पाचन तंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। इसका लगातार या अत्यधिक सेवन पेट की गंभीर बीमारियों, उल्टी, दस्त और लंबे समय में कैंसर जैसी घातक बीमारियों का कारण बन सकता है।
​एफएसडीए अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शहर में मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा तथा बोरेक्स या अन्य घातक कैमिकल्स का इस्तेमाल करने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द कर उनके खिलाफ सख्त मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे।




Dr. Bhanu Pratap Singh